सोना 1,150 रुपये लुढ़का, चांदी 1,000 रुपये फिसली

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नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) वैश्विक बाजारों में सुस्ती के रुख के बीच बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,150 रुपये टूटकर 88,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गयी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी।

99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,150 रुपये टूटकर 87,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसका पिछला बंद भाव 88,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी की कीमत 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 98,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि इसका पिछला बंद भाव 99,500 रुपये प्रति किलोग्राम था। बुधवार को ‘महाशिवरात्रि’ के अवसर पर सर्राफा बाजार बंद थे।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘एमसीएक्स में बिकवाली के कारण सोने की कीमतों में कमजोरी देखी गई, जहां सोने की कीमत 85,000 रुपये तक गिर गई। अगर एमसीएक्स पर सोना 84,800 रुपये के स्तर तक आता है, तो और भी कमजोरी आ सकती है।’’

त्रिवेदी ने कहा कि बाजार प्रतिभागी आगे के संकेतों के लिए शुक्रवार को कोर पीसीई (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे।

विदेशी बाजारों में, अप्रैल डिलिवरी के लिए कॉमेक्स सोना वायदा 23.10 डॉलर प्रति औंस गिरकर 2,907.50 डॉलर प्रति औंस रह गया। इसके अलावा, हाजिर सोना 2,900 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया और इसकी कीमतें 2,892.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं।

अबन्स होल्डिंग्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चिंतन मेहता ने कहा, ‘‘शुल्क संबंधी चिंताओं के कारण डॉलर में तेजी आने से सोने की कीमतों में एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सुधार हुआ, लेकिन सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत बनी हुई है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में यूरोपीय संघ से आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की है और कहा है कि मेक्सिको और कनाडा पर शुल्क अब चार मार्च की समयसीमा के बजाय दो अप्रैल से प्रभावी होंगे।’’

इसके अलावा, मेहता ने कहा कि मेक्सिको और कनाडा पर शुल्क लागू होने की संभावना स्पष्ट नहीं होने के कारण बाजार अनिश्चित हो गए हैं, जिससे सोने की मांग जारी है।

एशियाई बाजार में चांदी वायदा भी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 32.47 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी के अनुसार, निवेशक साप्ताहिक बेरोजगारी दावों, जनवरी के टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर और चौथी तिमाही के शुरुआती जीडीपी जैसे प्रमुख अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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