मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए 500 किलोमीटर दूर स्थित पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराना ‘हास्यास्पद’ है।
गोयल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि लोगों को इस तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने के पहले ‘अपने दिमाग का इस्तेमाल’ करना चाहिए।
गोयल ने कहा, ‘दिल्ली के लिए, आप ऐसे किसी भी व्यक्ति पर विश्वास न करें जो आपको बताता है कि पंजाब के किसान दिल्ली में प्रदूषण की वजह हैं।’
केंद्रीय मंत्री ने आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘अपने दिमाग का इस्तेमाल करें… मुझे यह सोचकर अचरज होता है कि यह प्रदूषण 500 किलोमीटर की यात्रा कर गुरुग्राम की ऊंची इमारतों से होते हुए किस तरह नयी दिल्ली स्थित मेरे घर पहुंच जाता है।’
गोयल ने कहा कि इसके लिए किसानों पर दोष मढ़ना ‘हास्यास्पद’ है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह पराली जलाने का समर्थन भी नहीं कर रहे हैं।
धान की फसल कटने के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने को अक्सर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के उच्चस्तर के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता साल में कई दिन तक खराब या बदतर बनी रहती है, और प्रदूषण के उच्चस्तर से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर भी चिंता जताई जा रही है।
गोयल ने कहा कि निर्माण गतिविधि और वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन शहरों में प्रदूषण के मुख्य कारण हैं। उन्होंने सभी से ढांचा-आधारित निर्माण गतिविधियां और इलेक्ट्रिक परिवहन को अपनाने का आग्रह भी किया।
उन्होंने कहा कि दोनों विकल्प लागत लाभ या स्विच के लिए व्यावसायिक मामले का प्रतिनिधित्व करते हैं।
गोयल ने कहा, ‘किसी और को दोष देने के बजाय क्या हम अपनी भूमिका के बारे में भी सोच सकते हैं? क्या हम इलेक्ट्रिक परिवहन, व्यक्तिगत उपयोग, हमारी कंपनी के उपयोग के बारे में सोच सकते हैं।’
मुंबई उत्तर क्षेत्र से सांसद गोयल ने दुबई और सिंगापुर की तरह देश में भी साफ-सुथरी सड़कें और प्रदूषण-मुक्त परिवेश तैयार करने का आह्वान किया।