ईटानगर, 26 फरवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश के पास 50,000 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन की क्षमता है और भारत के ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य में राज्य प्रमुख भूमिका निभा सकता है।
अरुणाचल प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे धनखड़ कामले जिले के बोआसिमला में रहने वाले न्यिशी जनजाति के न्योकुम युलो समारोह शामिल हुए।
उन्होंने वहां एक समारोह को संबोधित करते हुए आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में त्योहारों के महत्व का जिक्र किया।
धनखड़ ने आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण में उल्लेखनीय विकास का हवाला देते हुए भारत को दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश करार दिया।
अरुणाचल प्रदेश की विशाल जलविद्युत क्षमताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पांच लाख करोड़ रुपये की निवेश की क्षमता है।
उपराष्ट्रपति ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ बोआसिमला में एक बहुउद्देशीय ‘इनडोर हॉल’ का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली न्यिशी जनजाति की पहली महिला कबाक यानो को भी सम्मानित किया।