सिलीगुड़ी, 12 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि ‘‘टुकड़े-टुकड़े’’ गिरोह ने पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से अलग करने के लिए रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी, और तृणमूल कांग्रेस ने अपनी ‘‘तुष्टिकरण की राजनीति’’ के कारण सड़कों से लेकर संसद तक उन्हें समर्थन दिया।
पश्चिम बंगाल के उत्तरी शहर सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार के रूप में काम करने वाले इस कॉरिडोर को बड़े पैमाने पर विकसित करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘देश में ‘टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह सक्रिय है, जिसने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी। वे पूर्वोत्तर को देश से अलग करना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त तृणमूल कांग्रेस, सड़कों से लेकर संसद तक ऐसे लोगों का समर्थन करती है। यही तृणमूल का असली चेहरा है।’’
मोदी ने लोगों से ‘डबल इंजन’ सरकार के लिए वोट देने का आग्रह करते हुए कहा कि बंगाल में विकास की गति दोगुनी हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने अपने 15 साल के कार्यकाल में राज्य को बर्बाद कर दिया और केंद्र सरकार की योजनाओं का कार्यान्वयन रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप 25 प्रतिशत से भी कम काम पूरा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल सरकार ने मदरसों के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन पूरे उत्तर बंगाल के लिए अपर्याप्त धनराशि आवंटित की गई। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘तृणमूल आदिवासी-विरोधी, महिला-विरोधी और युवा-विरोधी पार्टी है।’’
मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता में दिख रहे जोश ने उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि आगामी चुनावों में तृणमूल की हार निश्चित है।
राज्य में दो चरण में मतदान होगा। सिलीगुड़ी में पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।