एआई और सोशल मीडिया के जरिए वैश्विक विमर्श गढ़ रहा चीन, अमेरिका से ‘सूचना युद्ध’ तेज

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बीजिंग, 11 अप्रैल (एपी) चीन में कड़ी सेंसरशिप के जरिए इंटरनेट पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद देश में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार अब सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की ताकत का इस्तेमाल कर वैश्विक स्तर पर अपना विमर्श गढ़ने की कोशिश कर रही है और इस प्रक्रिया में अक्सर अमेरिका तथा उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखे व्यंग्य भी कर रही है।

पांच मिनट के एक एआई-जनित एनिमेशन में चीन के सरकारी मीडिया ने ईरान युद्ध को एक रूपक के रूप में पेश किया। इसमें शाही पोशाक पहना एक सफेद बाज अमेरिका का प्रतीक है, जो हमले से पहले दुष्ट हंसी हंसता है, जबकि काले लबादे में फारसी बिल्लियां ईरानियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो अपने नेता के मारे जाने के बाद लड़ने का संकल्प लेती हैं और एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग बंद कर देती हैं।

अन्याय, बदले और वैश्विक समझ जैसे विषयों को छूता यह वीडियो हाल के महीनों में चीन के सरकारी मीडिया द्वारा बनाए गए कई एआई वीडियो में से एक है, जिनमें अमेरिका को वैश्विक दबंग के रूप में दिखाया गया है। इनमें ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी और पश्चिमी गोलार्ध में उसके प्रभुत्व की योजनाओं पर भी व्यंग्य किया गया है।

यह रुझान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसमें वह चीन की वैश्विक स्तर पर अपनी बात रखने की क्षमता बढ़ाने और पश्चिमी विमर्श का मुकाबला करने पर जोर देते रहे हैं।

यह एक तेज होते वैश्विक ‘‘सूचना युद्ध’’ का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका ने विदेशी अमेरिकी रोधी प्रचार का मुकाबला करने एवं अपने हितों के खिलाफ बन रहे विमर्श को रोकने के लिए अपनी रणनीति और मजबूत करने का संकल्प लिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हालिया संदेशों में चेतावनी दी गई है कि विदेशी सरकार नियंत्रित मीडिया द्वारा डिजिटल मंच पर चलाए जा रहे प्रचार अभियान ‘‘अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं और अमेरिकी हितों के प्रति शत्रुता को बढ़ावा देते हैं।’’

विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाया गया एआई-आधारित ‘इन्फोटेनमेंट’ खासकर युवाओं को प्रभावित करने में अधिक प्रभावी हो सकता है। त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शी आनबिन के मुताबिक, यह दुनिया भर में ‘जेन जेड’ वर्ग तक पहुंचने का नया तरीका है।

लैंकेस्टर विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ ग्लोबल अफेयर्स’ में वरिष्ठ व्याख्याता एंड्रयू चुब ने कहा, ‘‘पहले चीन का प्रचार नीरस और औपचारिक होता था, लेकिन अब वह अधिक आकर्षक और मनोरंजक रूप ले चुका है।’’

सरकार अब रैप संगीत, लोकप्रिय कलाकारों और फिल्मों के जरिए अपने संदेश को पेश कर रही है। यहां तक कि भ्रष्टाचार विरोधी टीवी सीरीज भी रोचक कथानक और प्रभावशाली अभिनय के कारण लोकप्रिय हो रही हैं।

चीन ने वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया मंचों पर एक विशाल नेटवर्क तैयार किया है, जिसमें राजनयिक, सरकारी मीडिया, इन्फ्लुएंसर और बॉट्स शामिल हैं।

उदाहरण के तौर पर, सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने हाल में एक एआई-आधारित संगीत वीडियो जारी किया, जिसमें अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे के इरादे का मजाक उड़ाया गया।

इस तरह, चीन अब डिजिटल माध्यमों और नयी प्रौद्योगिकियों के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी छवि और विचारधारा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है।

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