प.बंगाल चुनाव: भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में घुसपैठ रोकने, महिलाओं को 3,000 रु. मासिक सहायता का वादा

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कोलकाता, 10 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए घुसपैठ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने और महिलाओं, युवाओं, किसानों तथा राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए व्यापक कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां ‘संकल्प पत्र’ जारी कर इसे ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण की रूपरेखा बताया और ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के पिछले 15 वर्षों का शासन राज्य की जनता के लिए “बुरे सपने जैसा” साबित हुआ है।

चुनावी मुकाबले को भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा, घुसपैठ और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जनमत-संग्रह में बदलने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस से ऊब चुका पश्चिम बंगाल अब बदलाव चाहता है।’’

घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार घुसपैठियों के खिलाफ “डिटेक्ट (पहचान करना), डिलीट (हटाना) और डिपोर्ट (निर्वासित करना)” की नीति अपनाएगी।

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार घुसपैठ को कतई बदर्शत नहीं करने की नीति अपनाएगी।”

पार्टी ने राज्य की सीमाओं को मजबूत करने, मवेशी तस्करी पर रोक लगाने और सरकारी जमीन को “अतिक्रमणकारियों और घुसपैठियों” से मुक्त कराने का भी वादा किया। इसके जरिए भाजपा ने उत्तर 24 परगना, नदिया, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों पर केंद्रित अपनी चुनावी रणनीति को और धार देने का प्रयास किया है।

यह वादा खास तौर पर मतुआ समुदाय और शरणार्थी हिंदू मतदाताओं के एक वर्ग को आकर्षित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

शाह ने कहा, “भाजपा शासित कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। हम इसे पश्चिम बंगाल में भी छह महीने के भीतर लागू करेंगे, ताकि हर नागरिक के लिए एक समान कानून हो।”

अल्पसंख्यकों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश में उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसा कानून बनाएगी जिसमें हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी।

शाह ने ऐलान किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो पश्चिम बंगाल की हर महिला को प्रतिमाह 3,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस समेत सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा का वादा भी किया।

यह घोषणा ऐसे राज्य में खास राजनीतिक मायने रखती है, जहां महिलाएं अब मतदाताओं का लगभग आधा हिस्सा बन चुकी हैं और उनकी भागीदारी लगातार बढ़ी है।

दरअसल, महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या और लक्ष्मी भंडार योजना जैसी योजनाओं की लोकप्रियता को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए मजबूत चुनावी कवच के रूप में देखा जा रहा है।

पिछले माह तृणमूल ने अपने घोषणापत्र में लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाने का ऐलान किया था जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति की लाभार्थियों को 1,700 रुपये मासिक देने की बात कही गई है।

भाजपा ने संकल्प पत्र के जरिए बेरोजगार युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के भीतर पनप रहे असंतोष को भी सीधे साधने की कोशिश की।

इसमें वादा किया कि बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

भाजपा ने स्कूल भर्ती घोटाले और अन्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के कारण नौकरियां गंवाने वालों को अधिकतम पांच वर्ष तक की आयु सीमा में छूट देने का भी भरोसा दिलाया।

पार्टी ने पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया लागू करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि योग्य उम्मीदवारों को स्थायी नौकरी दी जाएगी।

वहीं, महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर लंबे समय से नाराज राज्य सरकारी के कर्मचारियों को साधने के लिए शाह ने केंद्र के बराबर डीए देने और सत्ता में आने के 45 दिन के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया।

किसानों को साधने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली सहायता को बढ़ाकर सालाना 9,000 रुपये करने का वादा किया जिसमें केंद्र के मौजूदा 6,000 रुपये के साथ राज्य सरकार की ओर से 3,000 रुपये अतिरिक्त जोड़ने की बात कही गई।

शाह ने ऐलान किया कि उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और फैशन डिजाइनिंग संस्थान स्थापित किए जाएंगे, साथ ही आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नया कैंसर अस्पताल भी बनाया जाएगा।

भाजपा ने कोलकाता के लिए 10 साल की कार्ययोजना का भी ऐलान किया, जिसे शाह ने वैश्विक स्तर पर “जीवंत शहर’’ के रूप में स्थापित करने की बात कही।

दार्जिलिंग को विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लेते हुए पार्टी ने पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की भी बात कही।

सांस्कृतिक दृष्टि से भाजपा ने चैतन्य महाप्रभु आध्यात्मिक सर्किट विकसित करने, रवीन्द्रनाथ टैगोर के नाम पर सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने और ‘वंदे मातरम्’ संग्रहालय बनाने का वादा किया।

इसके साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि सत्ता में आने पर राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति गठित की जाएगी, जबकि संदेशखालि जैसे मामलों सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच की निगरानी के लिए अलग से सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति बनाई जाएगी।

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