साहिल अंकिता को देखते ही उस पर मुग्ध हो गया। उसने झट इस रिश्ते के लिए हां कर दी। अंकिता थी ही इतनी खूबसूरत। एमए कर रही अंकिता अभी दिखने में इंटर करने वाली लड़की की तरह जवां-जवां दिखती थी। उसका चेहरा अलग सी आभा लिए हुए था। उसके बाल सोने की तरह चमकने वाले थे। उसकी स्किन और बालों का मुकाबला रिश्तेदारी में कोई भी नहीं कर सकता था।
शादी के कुछ दिनों तक तो वह ऐसी ही रही लेकिन धीरे-धीरे उसके चेहरे पर नीरसता दिखाई देने लगी। उसकी त्वचा में ढीलापन और बालों में रूखापन आ गया। उसकी आंखों में हर वक्त थकान दिखाई देने लगी। उसकी रूटीन जिंदगी ने उसके जीवन में ही नहीं, उसके चेहरे पर भी नीरसता के धब्बे लगा दिये। उसका हर दिन एक जैसा ही बीतने लगा, सो उसके जीवन में नीरसता तो आनी ही थी। यह नीरसता उसके चेहरे पर भी दिखाई देने लगी थी।
एक लड़की के शादी से पूर्व और शादी के बाद के जीवन में बेहद अन्तर होता है। शादी से पूर्व अक्सर लड़कियों के ऊपर इतनी जिम्मेदारी नहीं होती जो उन्हें शादी के बाद ससुराल में जाकर निभानी पड़ती है। ससुराल के माहौल का असर गृहस्थ जीवन का असर कुछ तो चेहरे पर रंग लाता ही है। तभी तो शादी से पूर्व तरूणी दिखाई देने वाली युवती शादी के बाद प्रौढ़ दिखाई देने लगती है। हां, जो अपनी परिस्थितियों को अपने जीवन एवं चेहरे पर हावी नहीं होने देती, वे जरूर हमेशा जवां-जवां सी बनी दिखती हैं।
दरअसल घर-गृहस्थी का चक्कर ही ऐसा है कि उसमें उलझकर हर गृहिणी असमय ही प्रौढ़ दिखाई देने लगती है किन्तु इस प्रौढ़ दिखने से बचा जा सकता है। आप अपनी उम्र से कम दिखाई दे सकती हैं। जरूरत है अपनी दिनचर्या में सटीक बातों को शामिल करने की। ये बाते हैं:-
पूरी नींद लें-
अंकिता सुबह-सुबह नाश्ता बनाती, फिर घर की सफाई करती। उसके बाद कपड़े धोने में जुट जाती और दोपहर के खाने की तैयारी करती। फिर प्रेस करने लग जाती। फिर शाम की चाय, साहिल के आने का समय, फिर रात के खाने का वक्त। दिन कब निकल गया, उसे पता ही नहीं चलता था। रात को जब वह सोने चलती, साहिल उससे अपने लिए समय मांगता। उसकी रूटीन जिंदगी में उसे उसे भरपूर नींद भी नहीं मिल पाती थी जबकि नींद हमारी एक बहुत बड़ी जरूरत है।
शरीर को फिर से ऊर्जावान बनाने के लिए नींद जरूरी है। यदि भरपूर नींद न मिले तो आंखों के नीचे काले घेरे, सिर में दर्द, आखों में थकान आदि परेशानियां होने लगती हैं। भरपूर नींद के लिए बिस्तर भी आरामदायक होना चाहिए। कम से कम सात से आठ घंटे की नींद तो जरूर लेनी ही चाहिए।
सम्पूर्ण आहार-
अक्सर गृहणियां सुबह का नाश्ता और लंच आदि बनाने के चक्कर में खुद भूखी रह जाती हैं। पहले बच्चों का नाश्ता बनाना, उन्हें स्कूल के लिए तैयार करना, फिर पति को ऑफिस भेजने की तैयारी, तब कहीं जाकर गृहिणी को नहाना धोना मिलता है। फिर लंच की तैयारी। नाश्ता करना प्रायः वे भूल जाती हैं।
उन्हें पता ही नहीं चलता और वे सीधे लंच ही करती हैं। सेहत के लिए यह बेहद ही गलत साबित होता है। इससे उनका स्वास्थ्य गिरने लगता है। उनमें अनीमिया व कैल्शियम की कमी जैसी बीमारियां हो जाती हैं। उन्हें अगर खूबसूरत दिखना है तो सम्पूर्ण आहार लेना चाहिए।
एक्सरसाइज-
एक्सरसाइज सेहत के लिए बेहद जरूरी है। अकसर गृहणियां अपने व्यस्त जीवन में एक्सरसाइज के लिए समय नहीं निकाल पाती किन्तु जो महिलाएं आलसी एवं मोटी होती हैं उनके लिए खासकर एक्सरसाइज की जरूरत होती है। इससे शरीर को कई फायदे होते हैं। सुबह-सुबह टहलने से शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है। इससे त्वचा की खूबसूरती बढ़ती है। छोटी-मोटी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है।
विविधता भरा दिन-
रूटीन जिंदगी इंसान को ठहरे पानी जैसा बना देती है जिसमें कुछ भी अच्छा नहीं रहता। अपने जीवन को वेरायटीफुल बनायें। वे ही युवा बने रहना चाहते हैं जिन में रोज कुछ नया करने का उत्साह रहता है। आप भी युवा बने रहना चाहते हैं तो हर दिन कुछ नया करें। पढ़ने की आदत डालें। कुछ नया सीखते रहने से जिंदगी में उत्साह बना रहता है। अखबार में सभी तरह की खबरों को भी पढ़ना चाहिए। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। अपनी क्षमताओं को विकसित करें। इससे जीवन में ताजगी बनी रहती है जो आपके चेहरे पर भी झलकती है।
दोस्त बनायें-
आस-पास एक फ्रैंड सर्किल बना लें जिनसे मिलने-जुलने पर आपको स्फूर्ति मिले। अपने कॉलेज की सखी सहेलियों से बातचीत करती रहें जिससे पुरानी यादें ताजा होती रहें। जवानी में की गई शरारतों को याद कर अपनी जवानी बरकरार रखें।
सोशल वर्क-
अपनी गृहस्थी के साथ-साथ कुछ काम ऐसे भी करने चाहिए जिनसे मानसिक शान्ति भी मिले। ये सामाजिक कार्य आप किसी पर भी उपकार स्वरूप कर सकती हैं। गरीब बच्चों को पढ़ाना, अनाथ बच्चों को सहायता देना, बड़े बूढ़ों के बैंक के काम, बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल जमा करा कर जैसे छोटे मोटे कार्यों से आप सामाजिक कार्यों में अपना योगदान दे सकते हैं।
आराम से काम करें-
किसी भी काम को करने में कभी भी जल्दबाजी न करें। ऐसे काम करने से दस काम और बढ़ जाते हैं और एनर्जी और ज्यादा खर्च होती है, इसलिए जब भी कोई काम करें, बड़े आराम से करें। इससे वह बिगड़ता नहीं है।
