नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘विश्व गुरु’ और ‘सुपर इकॉनमी’ बनने का लक्ष्य हासिल करने के लिए भविष्य-उन्मुख विकास की उपयुक्त दृष्टि होना समय की जरूरत है।
गडकरी ने यहां ‘एआईएमए’ की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऐसे प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करना जरूरी है, जहां भविष्य में विकास की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि शोध पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यही प्रमाणित प्रौद्योगिकी, आर्थिक व्यवहार्यता, कच्चे माल की उपलब्धता और तैयार उत्पादों की बाजार क्षमता का आधार बनता है।
गडकरी ने कहा, “हमें यह समझने की जरूरत है कि भविष्य में किन निर्यात क्षेत्रों की मांग बढ़ेगी और किन आयात विकल्पों में हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।”
उन्होंने जल-आधारित अर्थव्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल मत्स्य क्षेत्र ही सात लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिसमें से लगभग आधे हिस्से का निर्यात किया जा सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत घटाने के साथ गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
गडकरी ने कहा, ‘‘ईमानदारी, विश्वसनीयता और सद्भावना 21वीं सदी की सबसे बड़ी पूंजी है और भारत जल्द ही ‘विश्व गुरु’ बनने के साथ एक मजबूत आर्थिक महाशक्ति बनेगा।’’