हमारे चेहरे की आभा बढ़ाने में सबसे महत्त्वपूर्ण स्थान हमारे दांत रखते हैं। दांतों की उपमा हमेशा मोतियों से की जाती है। स्वच्छ, उज्जवल व दूध से धुले दांत किसे आकर्षित नहीं करते? दांतों से ही संपूर्ण मुख की सुंदरता है परंतु देखा गया है कि आजकल लोगों में दांतों के रोग दिन पर दिन घर पकड़ते जा रहे हैं। दांतों का असमय गिरना, उनमें दर्द रहना, उनका लाल-पीला हो जाना और भी न जाने कितनी दांतों से संबंधित परेशानियां लोगों को बर्दाश्त करनी पड़ती हैं। उसका कारण है दांतों की सही रूप से देखभाल न होना। यदि हम थोड़ा सा समय व ध्यान देकर दांतों की देखभाल करें तो निश्चित रूप से दांतों के हर रोग से छुटकारा पा सकते हैं। उसके लिये आवश्यक है। यदा-कदा सरसों के तेल व नमक को मिलाकर उससे दांत साफ करें। इससे दांतों की मालिश होगी और दांत व मसूड़े मजबूती को प्राप्त होंगे। अधिक गर्म व अधिक ठण्डे खाने-पीने से परहेज करें क्योंकि किसी भी चीज की अधिकता दांतों को कमजोर बनाती है। खाना-पीना धीरे-धीरे चबा चबाकर करें ताकि दांतों व मसूड़ों की सही कसरत हो सके। जहां तक हो सके, फलाहार व शाकाहार लें। दूध व जल इत्यादि का प्रचुर मात्रा में प्रयोग करें और दांतों को मजबूती दें। पान, जर्दा, मसाले इत्यादि से दूर रहें क्योंकि ये न सिर्फ दांतों को गंदा बनाते हैं बल्कि कई रोगों को भी आमंत्रित करते हैं। खान-पान के बाद मुंह व मसूड़ों की सफाई की आदत डालिये। दांतों में फंसे अन्न कण भी दांतों को तकलीफ पहुंचाते हैं। जहां तक हो सके, दांतों को साफ करने के लिये प्राकृतिक चीज़ों, दातुन इत्यादि का ही प्रयोग करें। उपर्युक्त बातों को दृष्टिगत रखते हुये हम कभी दांतों के रोगों से पीड़ित नहीं होंगे और कुदरत के इस अनुपम, अनमोल, नायाब तोहफे को खराब होने से बचा पायेंगे।