समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी

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नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को समान नागरिक संहिता और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो अधूरे एजेंडे बताते हुए कहा कि इन पर गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है तथा सकारात्मक दिशा में प्रगति हुई है।

भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि पहली बार भाजपा ने 1994 में महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया था, जबकि मौजूदा भाजपा नीत केंद्र सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को 2029 के आम चुनाव में लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण होगा।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल जैसी कई कठिनाइयों को सहा और कांग्रेस के शासन में उत्पीड़न का सामना किया है।

उन्होंने कहा कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने तो अपनी जान भी कुर्बान कर दी, जैसा कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में देखा गया, ‘‘जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है’’।

मोदी ने कहा, ‘‘हमारा मिशन अभी जारी है। समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ और अन्य मुद्दों पर देश में गंभीर चर्चाएं चल रही हैं और हम इन पर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है और इस दिशा में बढ़ती रहेगी।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रणाली में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उद्देश्य पूरे देश में विवाह, गोद लेने आदि के संबंध में सभी के लिए एक समान कानून बनाना है।

मोदी ने कहा कि देश जानता है कि भाजपा हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रही है और ऐसा करती रहेगी; पहले भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं, और भविष्य में भी मिलेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश काल के सैकड़ों काले कानूनों को खत्म करना, लोकतंत्र के लिए एक नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण… ऐसे अनगिनत काम हैं जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का परिणाम हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जहां कार्यकर्ता पार्टी को अपनी मां मानते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबसे पहले 1994 में वड़ोदरा में महिला आरक्षण का प्रस्ताव रखा था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी तय किया था कि हम हमारे पार्टी संगठन में यथासंभव महिलाओं को प्रोत्साहित करेंगे। जब हम सत्ता में आए तो हमने वादा पूरा किया। अब हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के आम चुनाव में लागू किया जाए।’’

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा युद्ध के समय भी ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना में भरोसा रखती है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत हर देश से समान दूरी बनाए रखने पर गर्व करता था, लेकिन अब वह हर देश के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हुए आगे बढ़ रहा है।

मोदी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपने अस्तित्व के 25 साल पूरे कर लिए हैं और यह एकमात्र ऐसा गठबंधन है, जो देश के हितों और उसके लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने गठबंधन की राजनीति में एक मिसाल कायम की है। राजग का लगातार विस्तार इस बात का प्रमाण है कि यह एक सर्व-समावेशी गठबंधन है। यह क्षेत्रीय आकांक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए काम करता है।’’

मोदी ने कहा कि लोगों ने वंशवादी राजनीति देखी है, जो अब भी देश के कुछ हिस्सों में है और वामपंथी शासन के मॉडल को देखा है, लेकिन भाजपा का शासन का मॉडल विशिष्ट है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शासन के मॉडल के तहत नीतियां और सरकारें स्थिर हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का अपना एजेंडा और उद्देश्य हैं और मौजूदा संकट से निपटने के अलावा पार्टी नीत सरकार देश को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।

वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 (जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था) के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किये जाने का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दशकों तक यह कानून जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह से जोड़ने में एक रुकावट बना रहा।

मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भाजपा का सतत रुख रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘‘विशाल और पवित्र वटवृक्ष’’ की छाया में भाजपा सद्भाव और ईमानदारी के साथ राजनीति करने के लिए प्रेरित हुई।

उन्होंने कहा कि पार्टी 1984 को नहीं भूल सकती, जब कांग्रेस बड़ी संख्या में सीट जीती थीं, लेकिन देश ने यह भी देखा कि उन्होंने लोगों को कैसे धोखा दिया।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर भाजपा की स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

भाजपा की स्थापना छह अप्रैल, 1980 को हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी का स्थापना दिवस सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह हर कार्यकर्ता के लिए एक भावनात्मक अवसर है। यह दिन हमें देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए पार्टी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने का मौका देता है।’’

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