आइए जानते हैं तरह-तरह की पार्टियों के बारे में

0
0021069001463049256

एम. कृष्णा राव राज
अपनी खुशी को बांटने और उसका भरपूर आनंद उठाने का सर्वोत्तम तरीका है पार्टी देना। इनके आयोजन से जहां आप अपनी खुशियां दूसरों में बांटते हैं, वही दैनिक जीवनशैली में बदलाव आने से आप में भी नए उत्साह का संचार होता है।
आजकल तो नाना प्रकार की पार्टियां होने लगी हैं। बर्थ डे एवं मैरिज एनिवर्सरी पार्टी जैसी आम पार्टियां तो अधिकतर घरों में होती ही रहती हैं परन्तु इन सबके अतिरिक्त भी अनेक प्रकार की पार्टियां होती हैं जैसे किड्स पार्टी, टीनेजर्स पार्टी, स्वैप पार्टी, स्टैग पार्टी, थीम पार्टी, डांस पार्टी, पोटलक पार्टी आदि। आइए, यहां हम इन पार्टियों के विषय में जानें कि इनमें किस-किस प्रकार के आयोजन होते हैं।
किड्स पार्टी:-
बारह साल तक के बच्चों की इन्डोर पिकनिक पार्टियां आदि किड्स पार्टी की श्रेणी में ही आती हैं। इनमें बच्चों के लिए उनकी आयु के अनुसार खिलौने, संगीत और उनकी रूचि के खानपान की व्यवस्था की जाती है। इस प्रकार की पार्टियों का आयोजन करते समय बच्चों के मनोरंजन का पूरा ध्यान रखना चाहिए तथा उनके हमउम्र साथियों को ही बुलाना चाहिए अन्यथा बच्चे पार्टी का पूरा मजा नहीं ले पाते।
टीनेजर्स पार्टी:-
यह किशोरवय के बच्चों की पार्टी होती है। इस प्रकार की पार्टियों में फास्ट म्यूजिक और डांस की विशेष व्यवस्था की जाती है। इनमें कभी-कभी डांस के लिए एक विशेष थीम भी दे दी जाती हैं जिसके अनुसार सभी लोगों को डेªस पहनकर आना होता है।
मैरिज एनिवर्सरी पार्टी:-
आजकल विवाह की 10वीं, 25वीं (सिल्वर जुबली) एवं 50वीं वर्षगांठ (गोल्डन जुबली) मनाने का प्रचलन काफी बढ़ गया है। इस प्रकार की पार्टियों में पति पत्नी केक काटते हैं। इसके बाद खानपान का कार्यक्रम चलता है।
किटी पार्टी:-
 यह वर्तमान में महिला वर्ग की सबसे अधिक लोकप्रिय पार्टी है। इसमें 10-15 महिलाएं एक स्थान पर एकत्रा होकर पैसों से तंबोला जैसे गेम और ताश खेलकर अपना मनोरंजन करती है। किसी भी एक महिला द्वारा खान पान की व्यवस्था की जाती है। इसका प्रचलन प्रायः उच्च वर्ग में है।
बीसी पार्टी:-
 इसमें प्रतिमाह एक निश्चित रकम एकत्रा कर लॉटरी डाली जाती है। जिसके नाम की लॉटरी निकलती है, पूरी रकम उसे ही दे दी जाती है और फिर अगले माह उसी के यहां पार्टी का आयोजन रखा जाता है। आमतौर पर इस प्रकार की पार्टियों में महिलाओं द्वारा अपने गहनों और कपड़ों का भी प्रदर्शन किया जाता है।
स्टैग पार्टी:-
 इस प्रकार की पार्टियों का आयोजन महिलाओं और पुरूषों दोनों के द्वारा किया जाता है। महिला और पुरूष अपनी अपनी सुविधा और रूचि के अनुसार खान पान, गेम्स और म्यूजिक के द्वारा अपना अपना मनोरंजन करते हैं।
पोटलक (टिफिन) पार्टी:-
कई परिवारों द्वारा यह सामूहिक रूप से मनाई जाती है। इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक परिवार अपनी रूचि के अनुसार भोजन बनाकर एक निश्चित स्थान पर एकत्र होते हैं और सभी लोग एक साथ भोजन का आनंद उठाते हैं, साथ ही म्यूजिक, अंताक्षरी व ताश आदि के द्वारा मनोरंजन भी करते हैं।
डांस पार्टी:-
 डांस पार्टियों का आयोजन आमतौर पर एयर फोर्स, आर्मी, व नेवी स्टाफ के परिवारों में किया जाता है। इनमें महिला और पुरूष दोनों ही भाग ले सकते हैं। डांस के लिए स्पेशल स्टेज बनाया जाता है जिस पर भाग लेने वाले जोड़े म्यूजिक के साथ डांस करते हैं। इनमें डिंªक्स बहुत चलते हैं।
थीम पार्टी:-
 इस प्रकार की पार्टियों में आयोजकों द्वारा आंगतुकों को डेªसिंग की विशेष थीम दे दी जाती है जिसके अनुसार आगंतुकों को डेªसअप होकर आना पड़ता है। इनमें खान-पान और म्यूजिक की व्यवस्था भी की जाती है।
कॉकटेल या ड्रिंक्स पार्टी:-
इन पार्टियों में विविध प्रकार की शराब और हल्का फुल्का नाश्ता पेश किया जाता है। कभी-कभी इनमें म्यूजिक और डांस की भी व्यवस्था रहती है। फिल्म एवं उद्योग जगत में इस प्रकार की पार्टियों का बहुत प्रचलन है।
स्वैप पार्टी:-
स्वैप पार्टियां महानगरों की आधुनिक सभ्यता की देन हैं। उच्चवर्गीय परिवारों में प्रचलित इन पार्टियों में महिला और पुरूष दोनों भाग लेते हैं। पार्टी में आए पुरूष मेहमानों की पहचान की कोई भी वस्तु चाबी, रूमाल, अंगूठी या घड़ी को एक स्थान पर एकत्र कर लिया जाता है। प्रत्येक महिला की आंख पर पट्टी बांधकर एकत्रित वस्तुओं में से एक वस्तु उठवाई जाती है। महिला जिस पुरूष मेहमान की वस्तु उठाती है उस पुरूष को उस महिला को उसकी इच्छानुसार होटल, सिनेमा, डिस्को या लांग ड्राइव पर ले जाना होता है।
पार्टी किसी भी प्रकार की हो, उन सबका उद्देश्य एक ही होता है खुशी का लुत्फ मिलजुल कर उठाना। आजकल की व्यस्त जिंदगी में इस प्रकार की पार्टियां अपना विशेष महत्व रखती हैं क्योंकि ये जीवन की एकरसता को खत्म कर उमंग और उत्साह का संचार करती है, साथ ही मित्रों उत्साह और परिचितों को परस्पर मिलने जुलने का भी अवसर प्रदान करती हैं एवं उनमें सहयोग व भाईचारे की भावना को बढ़ाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *