वाशिंगटन, नौ अप्रैल (एपी) ईरान से संबद्ध हैकर समूहों ने संकेत दिया है कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच अस्थिर युद्धविराम लंबे समय तक उनके जवाबी साइबर हमलों को नहीं रोक पाएगा। अमेरिकी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
‘हंदाला’ नामक एक प्रमुख हैकर समूह ने युद्धविराम की घोषणा के बाद कहा कि वह अमेरिका पर हमलों को अस्थायी रूप से टाल रहा है, लेकिन इजराइल को निशाना बनाना जारी रखेगा। समूह ने यह भी कहा कि उचित समय आने पर वह अमेरिका के खिलाफ अपनी गतिविधियां फिर शुरू करेगा।
दो सप्ताह का यह युद्धविराम पहले ही पक्षों के बीच मतभेदों के कारण कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है और सभी पक्ष युद्ध में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
फलस्तीन समर्थक और ईरान समर्थक ‘हंदाला’ नेटवर्क ने अमेरिकी चिकित्सा उपकरण विनिर्माता ‘स्ट्राइकर’ के कामकाज में बाधा डालने और एफबीआई निदेशक काश पटेल के निजी ईमेल खाते में सेंध लगाने सहित कई साइबर हमलों की जिम्मेदारी ली है।
यह समूह ईरान से जुड़े कई प्रॉक्सी हैकर नेटवर्क में से एक है और तेहरान से स्वतंत्र रूप से काम करता है।
समूह ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे। साइबर युद्ध सैन्य संघर्ष के साथ शुरू नहीं हुआ था और किसी युद्धविराम के साथ खत्म नहीं होगा।”
अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार को चेतावनी दी कि ईरान समर्थक हैकर ऐसे इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम में घुसपैठ कर चुके हैं, जो विभिन्न महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में तकनीकी संचालन को नियंत्रित करते हैं। ये सिस्टम बंदरगाहों, बिजली संयंत्रों और जल संयंत्रों में उपयोग किए जाते हैं और विदेशी हैकर के लिए अहम लक्ष्य हैं।
एफबीआई, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और साइबर सुरक्षा एवं अवसंरचना सुरक्षा एजेंसी (सीआईएसए) द्वारा जारी संयुक्त परामर्श में संगठनों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था अद्यतन रखने का आग्रह किया गया है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि युद्धविराम के बावजूद संभावित लक्ष्यों को सतर्क रहना चाहिए। नोजोमी नेटवर्क्स के साइबर सुरक्षा अधिकारी मार्कस म्यूलर के अनुसार, युद्धविराम के बाद अमेरिकी संगठनों पर साइबर हमलों में कमी नहीं, बल्कि वृद्धि हो सकती है।