भारत एक परिपक्व लोकतंत्र होने के कारण मौजूदा वैश्विक स्थिति से निपटने में सक्षम: सिंधिया

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नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोकतंत्र की परिपक्वता, कूटनीति, विविधीकरण एवं निर्णायक कदम के दम पर भारत मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम रहा है।

एआईएमए के एक कार्यक्रम में सिंधिया ने कहा कि भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत के तटों तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मौजूदा अस्थिरता ने वैश्विक व्यवस्था को झटके लगे हैं। इन झटकों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित किया है और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ाया है। साथ ही ऊर्जा बाजार भी बुनियादी रूप से प्रभावित हुए हैं। ऐसे माहौल में, जहां ऊर्जा हमारी रीढ़ है, भारत इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में सक्षम रहा है।’’

मंत्री ने कहा कि पिछले चार सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संगठित व्यवस्था तैयार की है, जिससे कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सके और उन्हें अवसरों में बदला जा सके।

सिंधिया ने कहा, ‘‘ आज भारत कई देशों के साथ संवाद स्थापित करने में सक्षम हुआ है। हमारे भारतीय जहाज आज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हुए भारत के तटों तक पहुंच रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के सभी वर्ग इस अस्थिरता से सुरक्षित रहें। यह हमारे लोकतंत्र की परिपक्वता, कूटनीति, विविधीकरण और निर्णायक क्रियान्वयन को दर्शाता है।’’

दूरसंचार क्षेत्र पर सिंधिया ने कहा कि सरकार देश के हर गांव को ब्रॉडबैंड सेवा से जोड़ने के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है। इसका आधे से अधिक हिस्सा अगले 10 साल तक ‘ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क’ के रखरखाव पर खर्च होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ देश में ब्रॉडबैंड क्षमता में 10 प्रतिशत वृद्धि के लिए भारत सरकार 1.39 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिससे देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा सके। इसमें 45 प्रतिशत राशि पूंजीगत व्यय के लिए और 55 प्रतिशत राशि अगले 10 वर्षों तक फाइबर नेटवर्क के रखरखाव के लिए है।’’

उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्ष या अगले दशक में अवसरों के रूप में 1.5 से दो लाख करोड़ डॉलर अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में जुड़ सकते हैं।

संचार मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट की 1.6 लाख शाखाएं हैं और उनका मंत्रालय इस व्यापक नेटवर्क को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की बड़ी शक्ति में बदलने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में डाक विभाग के दो अंक में वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है।

सिंधिया ने कहा, ‘‘ मुझे इस विभाग से गहरा लगाव है। 4.6 लाख ग्रामीण डाक सेवकों ने संकल्प किया है कि हम भारत सरकार के लिए केवल लागत केंद्र बने रहने के बजाय 2029-30 तक लाभ केंद्र बनने की दिशा में काम करेंगे।’’

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