गर्भाशय विहीन शरीर में यौन आनन्द की कमी नहीं
यूट्रैक्ट स्थित यूनिवर्सिटी मेडिकल सेन्टर के जेन पाल रोवर्स द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार गर्भाशय निकाल देने के बाद भी महिलायें यौन क्रिया का भरपूर आनंद उठा सकती हैं। महिलाओं में कई बार विभिन्न बीमारियों के कारण गर्भाशय निकाल दिया जाता है जो एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन उनमें यह आशंका बनी रहती है कि गर्भाशय निकाले जाने के बाद वे यौन-आनंद नहीं ले सकेंगी क्योंकि इससे उनके योनि मार्ग और अन्य जननांगों में तंत्रिकायें बाधित हो जाती हैं। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार इस ऑपरेशन के बाद महिलाओं को सेक्स संबंधी कोई परेशानी नहीं होती बल्कि पहले की तुलना में वे इसका अधिक आनंद ले सकती हैं।
पौष्टिकता खो देती हैं माइक्रोवेव में पकी सब्जियाँ
फ्रांस के शोधकर्ताओं ने सब्जियों में पाये जाने वाले एंटी आक्सीडेंट के अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि सब्जियों को भाप में, माइक्रोवेव में, प्रेशर कुकर में या किसी भी प्रकार से पकाने पर उनसे कुछ उपयोगी रसायन निकलते हैं और ये एंडीआक्सीडेंट कोशिकाओं को रसायनों से होने वाले नुक्सान से बचाते हैं। सब्जियों को भाप में पकाने पर एंटीआक्सीडेंट को नुक्सान नहीं होता जबकि माइक्रोवेव में पकने वाली सब्जियों के अत्यधिक तापमान के कारण उनके एंटीआक्सीडेंट पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। माइक्रोवेव के अतिरिक्त अन्य किसी भी विधि से पकाई जाने वाली सब्जियों के एंटीआक्सीडेंट नष्ट नहीं होते।
बच्चों को विकलांग तक बना सकता है गर्भावस्था में धूम्रपान
अमेरिका के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि जो गर्भवती औरत गर्भकाल के धूम्रपान करती है उसके बच्चे को हाथ एवं पांव की पैरों की अंगुलियों के विकृत होने का खतरा बहुत अधिक बना रहता है। गर्भवती महिला जितना अधिक धूम्रपान करती है, होने वाले बच्चे के लिए खतरा उतना ही अधिक बढ़ जाता है।
शोध के दौरान यह बात भी सामने आयी है कि धूम्रपान करने वाली महिला का शिशु दूसरी माताओं के बच्चों की तुलना में कानों से अच्छी तरह नहीं सुन सकता अर्थात धूम्रपान सुनने की क्षमता को भी कम कर डालता है। गर्भवती माताओं को चाहिए कि गर्भावस्था में भूलकर भी धूम्रपान न करें क्योंकि इससे उनका बच्चा विकलांग पैदा हो सकता है।
अधिक आराम तनाव बढ़ाता है
लंदन विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिकों के अनुसार शरीर और मस्तिष्क को अधिक आराम देने से भी तनाव बढ़ता है। जो लोग सेवा निवृत्ति के बाद अपने घर पर बिना किसी काम किये बैठे रहते हैं, उनका वैवाहिक जीवन भी तनावग्रस्त हो जाता है। पत्नी छोटी-छोटी बातों पर छिड़कनें लगती है तथा बच्चे-बहू एवं पोते-पोतियां भी उन्हें निठला समझकर उनका अनादर करते रहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे व्यक्तियों को समाज सेवा आदि में अपना समय देना प्रारंभ कर देना चाहिए।
जानिए लंबी और स्वस्थ जिंदगी का राज
नेशनल ज्योग्राफिक पत्रिका के माध्यम से अलग-अलग देशों में लंबी आयु जी रहे लोगों पर एक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण रिपोर्ट में पत्रिका ने लिखा – अगर आप अपनी जिंदगी में दस स्वस्थ साल और जोड़ना चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दीजिए, सक्रिय रहिए। परिवार तथा समाज को समय दीजिए और अपने भोजन में फलों, सब्जियों तथा अंकुरित अनाज को स्थान दीजिए। इस पत्रिका ने सौ साल के एक जापानी वृद्ध से लेकर एक सौ एक वर्षीया अमेरिकी महिला तक पर अध्ययन किया और लंबी तथा स्वस्थ जिंदगी के लिए जो सबसे बड़ी बात सामने आयी, वह थी शाकाहार। शाकाहारी बनकर लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी जा सकती है।
कैंसर को रोकते हैं सरसों और पत्तागोभी
ब्रिटेन के नारविच स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ फूड रिसर्च की पत्रिका आई.एफ.आर. में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार सरसों का साग, पत्तागोभी तथा फूलगोभी को अच्छी तरह से पका कर खाते रहने से कोलोरेक्टल कैंसर के साथ ही अन्य कैंसरों में भी फायदा होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार ब्रासिका कुल की कुछ सब्जियों में एलाइल आइसोथायो साइनेट (ए.आई.टी.सी.) नामक एक ऐसा रसायन होता है जो कैंसर रोधी होता है और कैंसर को दूर करता है। इंटेस्टाइनल हेल्थ एंड फंक्शन ग्रुप के प्रोफेसर इयान जानसन के अनुसार ए.आई.टी.सी. फेफड़े के कैंसर में विशेष रूप से प्रभावी होता है।
बीमारी भगाये गीत
अगर आपसे यह कहा जाय कि आप तेज आवाज में गीत गाकर छोटी-मोटी बीमारी को भगा सकते हैं तो शायद यह आपको कुछ अजीब लगे लेकिन अब डॉक्टरों ने एक परीक्षण द्वारा यह ज्ञात किया है कि मानव की रोगों से लड़ने की क्षमता का उसके स्वास्थ्य से सीधा गहरा संबंध है और उसकी इस क्षमता को बढ़ाने का सहज उपाय है गीत गाना। जर्मनी में एक प्रयोग किया गया जिसमें एक घंटे तक अभ्यास करने वाले एक पेशेवर गायक मंडली के सदस्यों को शामिल किया गया। कार्यक्रम के शुरू होने से एक घंटा पहले और बाद में किये गये परीक्षण से यह साबित हो गया कि प्रतिरोधक तंत्रा में दबाव कम करने के लिये जिम्मेदार इम्यूनोग्लोबिन ए प्रोटीन और हाइड्रोकोट्रीसन गाना गाने के दौरान काफी बढ़ गया। ये दोनों तत्व एंटीबाडी की तरह काम करते हैं। अनुसंधानकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि गाने से न केवल प्रतिरोधक तंत्रा मजबूत होता है बल्कि गाने वाले के मिजाज में भी बदलाव आता है।
हार्ट अटैक से बचाता है सोयाबीन
अमेरिकन सोयाबीन एसोसियेशन के तकनीकी निदेशक डॉ. सुरेश इटापू के अनुसार नियमित रूप से सोयाबीन या सोयाबीन के उत्पादों का सेवन करके हार्टअटैक जैसे हृदयरोग और कैंसर जैसे घातक रोगों की संभावना कम हो जाती है। डॉ. इटापू के अनुसार इसके सेवन का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। अध्ययन से साबित हो चुका है कि सोया प्रोटीन का नियमित सेवन करके रक्त में कोलेस्ट्राल का स्तर कम किया जा सकता है।
नींद को कम कर देता है टी.वी.
लंदन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरेंस के वैज्ञानिकों के अनुसार अधिक टी. वी. देखने से जहां बच्चों में नींद की प्रक्रिया कम हो जाती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की सेक्स उत्तेजना बढ़ जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार ’मेलैटोनिन‘ हारमोन का उत्पादन आमतौर पर रात के नौ बजे के करीब प्रारंभ होता है। यही हारमोन नींद आने के लिए जिम्मेवार होता है। अध्ययन में पाया गया कि जो बच्चे एक हफ्ते से टी. वी. नहीं देख रहे थे, उनमें इस दौरान नींद को नियंत्रित करने वाले हारमोन में तीस प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसी प्रकार स्त्रियों पर अध्ययन करने के बाद पाया गया कि रात को ग्यारह बजे तक टी. वी. देखने वाली महिला प्रायः नित्य ही गर्मजोशी के साथ पति के आलिंगन को पाना चाह रही थी।
आनंद कुमार अनंत
