होली रंगों का ऐसा त्यौहार है जिसमें हर तरह की मौज-मस्ती की पूरी छूट रहती है। हर कोई रंगों से पूरी तरह सराबोर हो जाता है लेकिन मौज-मस्ती के यही रंग हमारे लिए तब परेशानी का कारण बन जाते हैं जब होली खेलने के बाद अपने आपको हम आईने के सामने निहारने की कोशिश करते हैं। कच्चे-पक्के तरह-तरह के रंग उस समय हमें मुंह चिढ़ाते हुए नजर आते हैं और इन रंगों से छुटकारा अत्यंत कठिन प्रतीत होने लगता है। आपकी ये मुश्किलें काफी आसान हो सकती हैं। यदि होली खेलने के पहले और होली खेलने के बाद इन उपायों को ध्यान में रखें और अमल में लायें – -होली खेलने के पहले ही अगर अपने चेहरे एवं हाथ-पैरों पर कोई कोल्ड क्रीम अथवा सरसों या नारियल का तेल अच्छी तरह मल लें तो किसी भी प्रकार का रंग आसानी से निकल जाएगा और रंगों में मिले हानिकारक रसायनों से भी त्वचा सुरक्षित रहेगी। – शरीर का रंग छुड़ाने के पहले क्लीजिंग-मिल्क से त्वचा को साफ कर लें। – बालों में कोई भी हेयर आयल अच्छी तरह से लगा लें ताकि रंग छुड़़ाने में सुविधा रहे। होली खेलने के बाद बालों को शैम्पू करके रंग निकाल दें। – रंग निकालने के लिए ठंडे पानी का प्रयोग करें। गर्म पानी का प्रयोग न करें क्योंकि गर्म पानी के संपर्क में आकर रंग और पक्के हो जाते हैं और आसानी से नहीं छूटते। – रंग निकालने के लिए उबटन का प्रयोग भी सुरक्षित रहता है। एक चम्मच बेसन या आटे में एक चम्मच तेल के अनुपात में उबटन बनाकर इसे रंग लगे स्थानों पर लगायें। यह क्रिया कई बार करने पर रंग पूरी तरह से छूट जाता है और चेहरे पर चमक आ जाती है। – रंग निकालने के लिए किसी डिटर्जेंट की बजाय सिर्फ नहाने वाले साबुन का प्रयोग करें। साबुन के झाग को किसी कपड़े में लगाकर पोछते जाएं ताकि रंग कपड़े पर उतरता जाए। – यदि त्वचा पर सीधे रंग लगाया गया हो तो इसको हल्का करने के लिए पहले नींबू से रगड़कर साफ कर लें, तत्पश्चात आटे तेल का उबटन लगाएं। – चेहरे पर यदि पालिश या पेंट लग गया हो तो मिट्टी के तेल में रुई को भिगोकर हल्के हाथों से त्वचा पर मलें। फिर साबुन-पानी से साफ कर लें।