भाजपा का विकास सत्ता में नहीं,विचारधारा में निहित: योगी आदित्यनाथ

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गोरखपुर (उप्र), छह अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित हिंदू सेवाश्रम भवन में भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर पार्टी का ध्वज फहराते हुए कहा कि भाजपा की विकास यात्रा की कहानी ‘सत्ता नहीं, बल्कि विचारधारा’ में निहित है।

समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए पदाधिकारियों के साथ सेल्फी के लिए उपस्थित हुए।

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा की विकास यात्रा सत्ता के बारे में नहीं है, बल्कि विचारधारा के बारे में है, और यह ‘अंत्योदय से राष्ट्रोदय’ के संकल्प को दर्शाती है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह महज एक राजनीतिक संगठन नहीं है, बल्कि एक जीवंत वैचारिक परंपरा है जो नेताओं के जीवन मूल्यों से प्रेरित है।

उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से प्रेरित राष्ट्रवादी परिवार आज एक विशाल वट वृक्ष बन गया है, जो सेवा, मूल्यों और समर्पण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ 145 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को सशक्त बना रहा है।

योगी आदित्यानथ ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता के समर्पण, निरंतरता और निस्वार्थता ने ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को गति दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में भाग लेने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों को बधाई।’’

बाद में भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘‘भाजपा कार्यकर्ताओं में समाज व देश के लिए जीने की भावना जनसंघ काल से चली आ रही है। उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के भाव और इसकी संकल्प सिद्धि के लिए ही समर्पित रहता है। अपने संस्थापकों के सिद्धांतों, मूल्यों व आदर्शों पर चलते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण भाव से ही आज भाजपा देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी राजनीति पार्टी के रूप में प्रतिष्ठित हुई है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंतकाल तक भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को भाजपा से जुड़ना चाहिए। हमारा जीवन व्यष्टि नहीं, समष्टि के लिए और व्यक्ति की बजाय राष्ट्र के लिए समर्पित हो, यही प्रेरणा पार्टी के संस्थापकों ने दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ/भाजपा की इस राजनीतिक परंपरा के पहले अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने देश की अखंडता पर जोर दिया। आजादी के बाद से ही कांग्रेस नेतृत्व की सरकार ने विश्वासघात करना प्रारंभ कर दिया था। यह विश्वासघात हर स्तर पर था। देश के अंदर ही परमिट व्यवस्था लागू की गई। जम्मू कश्मीर को अलग दर्जा दे दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि शेष भारत के लोग परमिट लेकर वहां जा सकते थे। तब पहली बार कांग्रेस की इस पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज बुलंद की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ डॉ.मुखर्जी ने नारा दिया था – “एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे।” उन्होंने इसके लिए अपना बलिदान दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भी भारतीय राजनीति के एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए ‘अंत्योदय’ की नई दृष्टि भारतीय राजनीति को दी।’’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भाजपा का गठन छह अप्रैल 1980 को हुआ। तब परिस्थितियां विपरीत थीं, किंतु उन विपरीत स्थितियों में भी एक संकल्प था कि हम भारत की आत्मा पर प्रहार करने की छूट किसी को नहीं देंगे। दुनिया के अंदर ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता कि किसी दल को उसके गठन के मात्र 16 वर्ष के अंदर देश की सत्ता प्राप्त हो।’’

मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ ये देश की जनता की अटूट निष्ठा का परिणाम है। जिन मूल्यों और जिन आदर्शों को लेकर भाजपा का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि का भाव है, राष्ट्र प्रथम का भाव है, उस भाव को देश की जनता ने हाथों-हाथ लिया। प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करते हुए अंत्योदय की बात की। भारत की राजनीति में स्थिरता लाने का कार्य किया। विकास को बिना भेदभाव हर तबके तक पहुंचाने के अभियान को आगे बढ़ाया, जिसे देश और दुनिया ने सराहा।’’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘‘वर्ष 2014 में भारत का सूर्योदय तब होता है, जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं। तब देश ही नहीं, पूरी दुनिया में एक नया संकल्प गूंजा था। हर व्यक्ति के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिली। वह चमक ऐसे ही नहीं थी। उन्हें मोदी जी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास था। इस बात पर विश्वास था कि मोदी जी आए हैं, कुछ नया जरूर करेंगे। और, मोदी जी ने वह करके दिखाया।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश-एक निशान-एक विधान” के सपने को पूरा कर के दिखाया। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके वहां भी भारत का संविधान लागू कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का जो संकल्प लिया था, वह भी आज ‘डबल इंजन’ की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या में साकार हो गया है। यह मंदिर राष्ट्रमंदिर है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को बूथ स्तर तक डॉ.आंबेडकर की प्रतिमाओं के आसपास और स्मृति पार्कों में स्वच्छता का विशेष अभियान चलेगा। इसके बाद वहां 14 अप्रैल को पुष्पांजलि कार्यक्रम होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमाओं के ऊपर छत्र लगाए जाएंगे, चाहदीवारी की जाएगी और उक्त स्थानों को पार्क की तरह विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं के आसपास सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।

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