पटना, 12 अप्रैल (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने रविवार को कहा कि बिहार में नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया ‘‘13 अप्रैल के बाद शुरू होगी’’।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए चुने जाने के कारण राज्य में नयी सरकार का गठन आवश्यक हो गया है।
झा ने जदयू प्रमुख कुमार से मुलाकात के तुरंत बाद यहां पत्रकारों से बात की। कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की उम्मीद है ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली नयी सरकार के लिए रास्ता साफ हो सके।
पूर्व मंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य झा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी। लेकिन अधिक जानकारी के लिए आपको राज्य सरकार में शामिल लोगों से बात करनी चाहिए।’’
झा के अलावा, मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचने वालों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल थे जिन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए एक संभावित उम्मीदवार के रूप में भी देखा जा रहा है। इसके अलावा जदयू के वरिष्ठ नेता एवं विधायी कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी वहां मौजूद थे।
विजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘भाजपा की सिफारिश पर राजग के विधायक नए मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नयी सरकार के गठन में भाजपा की अहम भूमिका है। इन मामलों में उसकी अपनी प्रक्रिया है। जब वह अपनी योजना लेकर आएगी तो आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।’’
बिहार में भाजपा के नेता राज्य में अपने ‘‘पहले मुख्यमंत्री’’ को लेकर उत्साहित हैं, हालांकि वे यह स्वीकार भी करते हैं कि उम्मीदवार का चयन ‘‘केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा’’।
दशकों तक भाजपा में रहे और अब तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने शनिवार को पार्टी की आला कमान की संस्कृति पर तंज कसा।
सिन्हा ने भाजपा शासित कई राज्यों में हुई घटनाओं का जिक्र किया जहां दिल्ली से आए दूतों द्वारा कागज के एक टुकड़े पर नाम लिखकर लाए जाने के बाद कथित तौर पर कम लोकप्रिय उम्मीदवारों को शीर्ष पद मिल गया। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार को कोई ‘पर्ची’ लेकर आने वाले बाबा से सावधान रहना चाहिए।’’