चंडीगढ़, आठ मार्च (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को यहां एक ‘वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
न्यायमूर्ति कांत ने भी ‘विमेंस डे वॉकथॉन’ में भाग लिया। यह वॉकथॉन सुखना झील की पुलिस चौकी से शुरू होकर लगभग 2.5 किलोमीटर दूर स्थित ‘ओपन हैंड’ स्मारक तक आयोजित की गई।
न्यायमूर्ति कांत ने कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘यह अच्छा लगा। युवा वकीलों और न्यायाधीशों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य लोगों को महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। मुझे यकीन है कि इस पैदल यात्रा ने उस दिशा में थोड़ा योगदान दिया होगा।”
‘वॉकथॉन’ और पौधारोपण अभियान का आयोजन ‘इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक’ के हिस्से के रूप में किया गया था।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इससे पहले शनिवार शाम को न्यायमूर्ति कांत ने ‘इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक 2026’ के पहले संस्करण के उद्घाटन समारोह में चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने ‘भारत के सीमा-पार विवाद समाधान सेवाएं: 2026-2030 में मुकदमेबाजी, मध्यस्थता और सुलह का दृष्टिकोण’ विषय पर अपने विचार रखे।