नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) देश की प्रमुख धातु और खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक अपने विभिन्न परिचालनों में 8.5 करोड़ घन मीटर से अधिक पानी का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग किया है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब वर्ष 2030 तक पानी की 40 प्रतिशत कमी की वैश्विक चेतावनी दी जा रही है। कंपनी ने यह जानकारी 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस से एक दिन पहले दी।
कंपनी ने कहा कि वह जल संकट से जूझती दुनिया में जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वेदांता लिमिटेड ने बयान में कहा कि बदलती जलवायु और बढ़ती मांग के कारण बढ़ते जल संकट के बीच वेदांता जिम्मेदार जल प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्ध है।
वेदांता ने बताया कि उसने अपने औद्योगिक परिचालनों में उन्नत उपचार और पुन: उपयोग प्रणालियों के जरिए जल प्रबंधन को लगातार मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी ने 31 प्रतिशत जल पुनर्चक्रण दर हासिल की है, जो जल-प्रधान उद्योगों में उच्च स्तरों में गिनी जाती है।