केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सीजीएमपी सुविधा की आधारशिला रखी

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तिरुवंनतपुरम, एक मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यहां जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवोन्मेष केंद्र -राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी (बीआरआईसी-आरजीसीबी)के अक्कुलम परिसर में अत्याधुनिक गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (सीजीएमपी) सुविधा की आधारशिला रखी है।

उन्होंने शनिवार को रिकॉम्बिनेंट सेल्स एंड सेंसर्स के लिए राष्ट्रीय सुविधा केंद्र को समर्पित किया और इसे देश में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान तथा विकास में एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने परिसर में वार्षिक राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

सिंह ने इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि चूंकि केंद्र सरकार ने परमाणु चिकित्सा क्षेत्र को उदार बनाया है, इसलिए बीआरआईसी-आरजीसीबी जैसे राष्ट्रीय अनुसंधान और विकास संस्थानों को निजी क्षेत्र के साथ अंतर-विषय सहयोग के अवसरों की संभावना तलाश करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘परमाणु चिकित्सा अनुसंधान में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। बीआरआईसी-आरजीसीबी देश के अन्य संस्थानों के साथ साझेदारी कर सकता है, जिसमें निजी भागीदार भी शामिल हैं। हम निजी क्षेत्र और अन्य हितधारकों को भी शामिल कर सकते हैं, क्योंकि परमाणु चिकित्सा मिशन उनके लिए भी खुला है।’’

सिंह ने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है, जिन्होंने एक समर्पित जैव प्रौद्योगिकी नीति – ‘बायोई3’ (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति – शुरू की है, जो अर्थव्यवस्था को जैव-संचालित बनाने पर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है।

मंत्री ने इस वर्ष के केंद्रीय बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति मिशन’ की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि यह नीति निर्माताओं की इस मान्यता को दर्शाता है कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं तेजी से जैव प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित होंगी।

उन्होंने कहा कि हरित चक्रण, पुनर्जनन और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्र राष्ट्रीय विकास के नए निर्धारक बन जाएंगे।

बीआरआईसी-आरजीसीबी द्वारा हासिल उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके अनुसंधानकर्ताओं ने आण्विक जीव विज्ञान, रोग जीव विज्ञान, जीनोमिक्स और कैंसर अनुसंधान में मान्यता प्राप्त की है, और संस्थान ने अनुक्रमण, जैवसूचना विज्ञान और अंतर-विषय सहयोग सहित क्षेत्रों में देश भर से शोधकर्ताओं और छात्रों को आकर्षित किया है।

इस अवसर पर, सिंह ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में ‘क्वांटम फिजिक्स: वन हंड्रेड मैजिकल इयर्स’ नामक पुस्तक का विमोचन किया, जिसके लेखक कोच्चि स्थित सीयूएसएटी के प्रोफेसर वीपीएन नाम्पूरी हैं।

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