संयुक्त राष्ट्र ने खनिज समृद्ध पूर्वी कांगो में बढ़ते संघर्ष को लेकर चेताया

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संयुक्त राष्ट्र, 27 मार्च (एपी) कांगो के लिए संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक दूत विवियन वान डे पेरे ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेताया कि खनिज समृद्ध पूर्वी कांगो में संघर्ष बढ़ता जा रहा है तथा भारी हथियारों और ड्रोन के इस्तेमाल ने हालात को भयावह बना दिया है।

पेरे ने बताया कि रवांडा समर्थित विद्रोही समूह एम23 व उसके सहयोगियों ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण जनवरी में उवीरा शहर से पीछे हटने का कदम जरूर उठाया, लेकिन इसके बावजूद उत्तरी किवु व दक्षिणी किवु प्रांतों में एम23 विद्रोहियों तथा कांगो की सरकारी सेना के बीच झड़पें लगातार तेज होती जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।

उन्होंने चेताया, ‘‘दक्षिणी किवु में स्थिति अब भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और फिर से भड़की हिंसा ने संघर्ष का दायरा बढ़ा दिया है। हालात अब बुरुंडी की सीमा तक खराब होते जा रहे है, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर संघर्ष भड़कने का खतरा बढ़ गया है।’’

दरअसल, कांगो का पूर्वी इलाका दशकों से अशांति की मार झेल रहा है, जहां सरकारी बल 100 से अधिक सशस्त्र समूहों से जूझ रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावशाली विद्रोही समूह एम23 है, जिसकी नजर इस क्षेत्र की बेशकीमती खनिज संपदा पर पकड़ पर है।

पिछले साल की शुरुआत में एम23 लड़ाकों ने तेजी से आगे बढ़ते हुए गोमा समेत कई अहम शहरों पर कब्जा कर लिया था।

पेरे ने कहा कि इटुरी प्रांत की स्थिति भी ‘बेहद चिंताजनक’ बनी हुई है जहां खदानों पर हमले कर रहे विद्रोही समूहों से जुड़ी हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है।

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