सौन्दर्यशास्त्री कोमल, मांसल तथा सेब के से लाल-लाल गालों को चेहरे की सुन्दरता का केन्द्र मानते हैं। कवि तथा साहित्यकार तो इसकी विरूदावलियां गा-गाकर कभी अघाते ही नहीं किन्तु इससे आगे शरीराकृति विज्ञानी गालों को मानव स्वभाव का दर्पण मानते हैं जिसमें झांककर हर इंसान अपने स्वभावों की जानकारी ले सकता है। आइए, गालों के पीछे छिपे रहस्यों को हम भी जानें:- गोल, मांसल तथा लाल गाल वाले श्रीमंत माने जाते हैं। जिनके गालों की त्वचा पर चमक रहती हैं, वे स्वस्थ, प्रसन्न व समृद्ध माने जाते हैं। अधिक फूले गाल वाले आलसी तथा बेफिक्र होते हैं। इसके विपरीत धंसे गालवाले जिम्मेदार व परिश्रमी होते हैं। हां, वे कमजोर तथा चिंताग्रस्त रहते हैं। जिनके गालों के मध्य कनपट्टी की हड्डी जो आंख से लेकर कान तक जाती है, उभरी रहती है, वे विद्या व्यसनी होते हैं। जिनके गालों पर ज्यादा झुर्रियां हों, वे गंभीर तथा पेचीदा गुत्थियों को सुलझाने में सिद्धहस्त होते हैं। मुंहासे से भरे गाल वालों का खून अशुद्ध रहता है। ऊपर की अपेक्षा नीचे, जिनके गाल अधिक भारी होते हैं, वे अभिमानी, परनिदंक व परपीड़क होते हैं। जिनके गालों मे हंसते समय गड्डा पड़ जाता है, वे दीर्घजीवी होते हैं। इसी तरह ऊपर से नीचे रेखाओं से भरे गालवाले सफल व्यापारी होते हैं। हंसने में जिनके गाल एक स्थान पर कहीं यदि अधिक फूलते हैं तो वे परनिन्दक, चुगलखोर तथा छिद्रान्वेषी होते हैं।