शिशुओं एवं छोटे बच्चों के नेत्र बड़े ही नाजुक होते हैं। उनकी आंखें मुलायम होती हैं और धूल मिट्टी, मक्खी, मच्छर आदि का इन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। कई बार चेचक जैसे रोगों के कारण हुई सूजन की वजह से बच्चे अंधे हो जाते हैं। शिशुओं की आंखें जन्म के बाद सफाई न रखने के कारण अक्सर खराब हो जाती हैं। इसलिए शिशुओं की आंखों की देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान दें। बच्चे के जन्म के बाद उसके नेत्रों में बोरिक जिंक ड्राप्स के घोल की कुछ बूँदें डाल दें। जन्म के बाद चेचक का टीका अवश्य लगाएं। मक्खी, मच्छर का ध्यान रखें। इनके बैठने से आंखों में सूजन हो सकती है। घर, आंगन, कमरा आदि साफ रखें ताकि मक्खी, मच्छर न आएं। बच्चे को प्रतिदिन मल-मलकर स्नान कराएं। हाथ मुंह साफ रखें। बच्चे के कपड़े साफ रखें और अलग धोएं। बच्चे को स्वच्छ, ताजा, बढि़या खाना दें। बच्चे के नहाने का टब, साबुन, मग, तौलिया आदि स्वच्छ एवं अलग रखें। बच्चे की आंखें स्वच्छ मलमल के कपड़े से साफ करें