होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं होने देना चाहिए: भारतीय-अमेरिकी समुद्री अधिकारी

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न्यूयॉर्क, दो मार्च (भाषा) ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी समुद्री अधिकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग पर पड़ने वाले प्रभाव और वैश्विक तेल कीमतों पर इसके असर को लेकर चिंता व्यक्त की।

समुद्री क्षेत्र की कंपनी सेफसी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस.वी. अंचन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘भू-राजनीतिक स्थिति में किसी भी तरह की उथल-पुथल से समुद्री आपूर्ति उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।’’

अंचन ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं होने दिया जाना चाहिए।’’

उन्होंने क्षेत्र में पोत के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

अंचन ने कहा कि क्षेत्र में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के मद्देनजर सोमवार को तेल की कीमतों में वृद्धि होने के आसार है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक तेल की उच्च कीमतें अर्थव्यवस्था के लिए खराब होंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह अमेरिका समेत वैश्विक स्तर पर किसी के भी हित में नहीं है।’’

अंचन ने कहा कि ‘‘होर्मुज को अवरुद्ध करना इस क्षेत्र के लोगों का दम घोंटने से कम नहीं है और वह भी ऐसे समय में जब हवाई क्षेत्र भी बंद हैं।’’

उन्होंने कहा कि अनुमान है कि पहले ही 150 टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर रुके हुए हैं और अंदर नहीं जा रहे हैं।

अंचन ने कहा, ‘‘अरब खाड़ी देशों के आर्थिक हित के साथ-साथ लोगों के हित में भी बंदरगाहों पर जहाजों का संचालन जारी रखा जाना और होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापार करने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाना भी जरूरी है, फिर चाहे इसके लिए जरूरत पड़ने पर नौसेना के जहाजों का ही सहारा लेना पड़े।’’

होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित है तथा यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया में तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकरे मार्गों में से एक है।

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