परीक्षा के दिनों में छात्र प्रायः तनावग्रस्त हो जाते हैं जिसके कारण जानते हुए भी वे परीक्षा में अपना सही स्तर नहीं दिखा पाते। यह नहीं कि पूछे गये प्रश्नों के उत्तर उन्हें न ज्ञात हों किंतु वे तनाव के कारण अपना सही ज्ञान प्रदर्शित नहीं कर पाते। आइए देखें कि तनाव को अपने दिमाग से दूर रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं- परीक्षा स्थल पर समय से कम से कम आधा घंटा पूर्व पहुंचें ताकि अपनी सीट और कमरा ढूंढने में परेशानी न हो। जो छात्रा देरी से भागते दौड़ते परीक्षा स्थल पर पहुंचते हैं वे प्रश्न पत्रा के साथ न्याय नहीं कर पाते। परीक्षा शुरू होने से पांच मिनट पहले अपने स्थान पर बैठ जायें और प्रयोग में लाए जाने वाले पैन निकाल कर रख लें। अपने दिमाग को शांत रखें। ध्यानपूर्वक निर्देश सुनें और उस पर अमल करें। प्रश्न-पत्र ध्यानपूर्वक, शांत मन से पढ़ें। प्रश्न-पत्रा पढ़ने के बाद सोच विचार कर यह तय कर लें कि पहले किसका और बाद में किसका उत्तर देना है। प्रश्नपत्र में दिए गए निर्देश भली प्रकार समझ लें। प्रश्नपत्र को समय के अनुसार बांट लें। अंत के दस पन्द्रह मिनट दोहराने के लिए रखें ताकि अनजाने में की गई गलती को सुधार सकें। अंत में नाम और रोल नंबर को पुनः जांच लें। शुरू का समय उन प्रश्नों पर बर्बाद न करें जो भली प्रकार न आते हों। ऐसे प्रश्नों के उत्तर में स्वयं को न उलझायें। अंत में समय बचने पर सोच विचार कर लिखें। अपना लक्ष्य रखें कि सभी प्रश्नों के उत्तर आपको देने हैं। अपने तनाव को कम करने के लिए परीक्षा भवन में आप अपनी टांगें थोड़ी फैला सकते हैं। एक आध मिनट के लिए अपनी आंखें बंद करके, लम्बी सांस लेने से भी कुछ तनाव कम हो सकता है। आसपास ताक झांक न करें ताकि आपका कीमती समय बर्बाद न हो और अंत में आप तनावग्रस्त हो जाएं। दूसरे विद्यार्थी परीक्षा भवन में क्या कर रहे हैं, इस पर ध्यान न दें। जिन प्रश्नों के अधिक अंक हों, उन पर अधिक समय दें। जिन प्रश्नों के अंक कम हों, उन पर कम समय दें। प्रश्नपत्र कठिन लगने पर निराश न हों क्योंकि यह कठिनाई सभी छात्रों को अनुभव हो रही होगी।