तीन राज्यों में 64 हजार करोड़ रुपये की लागत से सात कोयला गैसीकरण परियोजनाएं शुरू होंगी : रेड्डी

0
dwe3w333

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 64,000 करोड़ रुपये के निवेश से सात कोयला गैसीकरण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे ऊर्जा उत्पादों के आयात में कमी लाने में मदद मिलेगी।

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने कोयला क्षेत्र में कई सुधार किए हैं।

रेड्डी ने कहा कि कोयला खदानों का आवंटन पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए किया जा रहा है और इसमें किसी तरह की शिकायत या आरोप नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “देश में बिजली की कोई कमी नहीं है और 73-74 प्रतिशत बिजली का उत्पादन कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों से हो रहा है।’’

मंत्री ने बताया कि कुल कोयला उत्पादन का 80 प्रतिशत बिजली क्षेत्र को आपूर्ति किया जाता है, जबकि शेष अन्य क्षेत्रों को दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि भारत कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।

रेड्डी ने कहा कि देश के पास कोयले का पांचवां सबसे बड़ा भंडार है, जो कम से कम 70 वर्षों तक चल सकता है, इसलिए सरकार ने अन्वेषण गतिविधियों को बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कोयला गैसीकरण गतिविधियां भी शुरू की हैं। “सात परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। इनमें से चार परियोजनाओं का भूमिपूजन किया जा चुका है। कुल निवेश 64,000 करोड़ रुपये है और केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को प्रोत्साहन दे रही है।’’

रेड्डी ने बताया कि सात परियोजनाओं में से चार महाराष्ट्र में, दो ओडिशा में और एक पश्चिम बंगाल में हैं।

उन्होंने बताया कि कोयला गैसीकरण प्रक्रिया के तहत कोयले को साइनगैस में बदला जाता है, जिसका उपयोग मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया, हाइड्रोजन, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (एसएनजी), पेट्रोकेमिकल्स और तरल ईंधन बनाने में किया जा सकता है।

रेड्डी ने कहा, “गैसीकरण के माध्यम से हम आयात पर निर्भरता को कम कर सकते हैं, और इससे विदेशी मुद्रा की बचत तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।’’

एक लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि वाणिज्यिक कोयला खनन नीति के तहत आवंटित 131 कोयला ब्लॉकों में से 21 को खदान शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है और 28 फरवरी 2026 तक 12 कोयला ब्लॉकों में उत्पादन शुरू हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *