कोलकाता, नौ मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां धरनास्थल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी ‘‘एजेंसियों’’ द्वारा पर्चे बांटे जाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे ऐसे लोगों को पकड़ें और पुलिस के हवाले कर दें।
मतदाता सूची के विशेष गहण परीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ पिछले तीन दिन से शहर के बीचों-बीच धर्मतला में धरना दे रही ममता बनर्जी के निर्देश के उपरांत पुलिस ने ऐसे दो लोगों को हिरासत में लिया है जो कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 14 मार्च की रैली के प्रचार के मद्देनजर पर्चे बांट रहे थे।
बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा और इसकी ‘एजेंसियां’ हमारी बैठक में पर्चे बांट रही हैं। उन्हें किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यक्रम में इस तरह के पर्चे बांटने का कोई अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारी बैठक में अपने कार्यक्रम के लिए कैसे प्रचार कर सकते हैं? यह उचित नहीं है। उन्हें भागने से पहले पकड़ लें और पुलिस के हवाले कर दें। मैं (राज्य की) मंत्री शशि पांजा को निर्देश दे रही हूं कि वह इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।’’
तृणमूल प्रमुख ने कहा कि भाजपा अपनी सभाओं में कम उपस्थिति के कारण ‘‘अनुचित हथकंडे’’ अपना रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा कोई तभी कर सकता है जब उसका कोई आधार न हो। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें (भाजपा को) जनता का समर्थन प्राप्त नहीं है। वे ‘वोट चोर’ हैं। वे एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं।’’
बनर्जी ने कहा कि ऐसे कायरों को ‘‘फांसी पर लटका देना चाहिए।’’
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को तृणमूल के कार्यक्रमों में अपने सदस्यों को भेजने की जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की रैली ‘‘ऐतिहासिक’’ होगी।
सिन्हा ने दावा किया, ‘‘तृणमूल ने खुद अपने लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के बारे में पर्चे बांटने के लिए तैनात किया है, क्योंकि बंगाल की जनता का समर्थन धरना-प्रदर्शन को कम मिल रहा है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘वह (बनर्जी) हताश और निराश हैं।’’