कोई जीएसटी चोरी नहीं की, सट्टेबाजी को नहीं देते बढ़ावाः फिनो पेमेंट्स बैंक

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नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) फिनो पेमेंट्स बैंक ने अपने प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी पर कहा है कि बैंक ने किसी भी तरह की जीएसटी चोरी नहीं की है और वह सभी नियामकीय प्रावधानों का पालन कर रहा है।

जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने गुप्ता को जीएसटी कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्हें केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132(1)(ए) और 132(1)(आई) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया है।

बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि डीजीजीआई की यह जांच कई बैंकों से जुड़े प्रोग्राम मैनेजरों से संबंधित है, न कि स्वयं बैंक के जीएसटी अनुपालन से।

फिनो पेमेंट्स बैंक ने कहा, “बैंक और उसके अधिकारियों का संबंधित प्रोग्राम मैनेजरों के कथित कारोबार या गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।”

डीजीजीआई कथित फर्जी कंपनियों और भुगतान मंचों के माध्यम से ऑनलाइन मनी गेमिंग से कमाए गए अवैध धन के प्रवाह की जांच कर रहा है।

बैंक ने नियामकीय सूचना में कहा कि वह किसी भी मंच, वेबसाइट या किसी भी अन्य माध्यम से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की सट्टेबाजी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता है।

उसने कहा, “व्यापारियों को साथ जोड़ने की प्रक्रिया नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है और इसे संबंधित कारोबारी टीमों द्वारा किया जाता है, न कि एमडी एवं सीईओ द्वारा। ऑनबोर्डिंग की एक शर्त यह भी है कि उस व्यापारी का किसी अन्य बैंक के साथ पहले से बैंकिंग संबंध हो, ताकि यूपीआई लेनदेन सुगम हो सके।”

बैंक ने यह भी कहा कि उसने कोई फर्जी चालान जारी नहीं किया है और सेवाओं के उपयोग के आधार पर सभी चालान जारी किए गए हैं। साथ ही, वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के उपयोग की निगरानी के लिए मजबूत जोखिम प्रबंधन ढांचा भी मौजूद है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फिनो पेमेंट्स को लुघ वित्त बैंक में बदलने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी है। प्रबंधन ने कहा कि वह निर्धारित अवधि से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद करता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया है कि मंत्रालय इस मामले पर गौर करेगा।

इस बीच, उद्योग जगत ने फिनो पेमेंट्स के एमडी एवं सीईओ की गिरफ्तारी पर आश्चर्य जताया है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) और स्टार्टअप पॉलिसी फोरम (एसपीएफ) जैसे उद्योग संगठनों ने गुप्ता के समर्थन में बयान जारी किए हैं।

पीसीआई के अध्यक्ष विश्वास पटेल ने सीतारमण को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और प्रवर्तन कार्रवाई में संतुलन बरतने की मांग की।

स्टार्टअप पॉलिसी फोरम ने कहा कि वित्तीय-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में व्यावसायिक साझेदारों की कथित अनियमितताओं के मामलों में संस्थापकों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो यह क्षेत्र के लिए चिंताजनक मिसाल बन सकती है।

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