सीट चयन में पारदर्शिता की कमी, पार्टी हितों से समझौता: कांग्रेस सांसद जोतिमणि

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चेन्नई, 28 मार्च (भाषा) करूर से कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नीत गठबंधन में सीट चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है और दावा किया कि इस प्रक्रिया में पार्टी के हितों से “पूरी तरह समझौता” किया गया है।

जोतिमणि ने 27 मार्च को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तीखे शब्दों में कहा, “पार्टी की सीट चयन प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है। सीट का चयन विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, लेकिन हमारी इस राय को प्रभारियों ने खारिज कर दिया।”

तमिलनाडु में द्रमुक नीत गठबंधन में कांग्रेस को 28 सीट आवंटित की गई हैं।

सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब द्रमुक और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) समेत राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल चुनावी मुकाबले के लिए अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) जैसे नए राजनीतिक दल भी खासा ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

जोतिमणि ने राज्य नेतृत्व पर सीट बंटवारे और चयन प्रक्रिया को “अत्यंत गोपनीय तरीके” से अंतिम रूप देने का आरोप लगाया और कहा कि विस्तृत चर्चा तथा खुले दृष्टिकोण की मांगों को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा, ‘‘यह देखना पीड़ादायक है कि वफादार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत को उन लोगों द्वारा ‘बेचा’ जा रहा है, जिन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के विकास में रत्ती भर भी योगदान नहीं दिया है।”

आगामी उम्मीदवार चयन को लेकर चेतावनी भरे लहजे में जोतिमणि ने कहा कि यदि यह “सौदेबाजी या खरीद-फरोख्त का रूख” जारी रहा, तो “तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी को कोई नहीं बचा सकता।”

सांसद ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेंगी और निर्वाचन क्षेत्रों व उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद विस्तृत बयान देंगी।

तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा।

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