नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) अमेजन भारत को एक दीर्घकालिक निवेश बाजार के रूप में देखती है, जहां ई-कॉमर्स अभी भी अपने शुरुआती चरण में है। कंपनी के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक आधार और सकारात्मक उपभोक्ता धारणा के दम पर यहां वृद्धि की पर्याप्त गुंजाइश है।
अमेजन के भारत और ऑस्ट्रेलिया के परिचालन उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि कंपनी ने हाल में 12.5 करोड़ उत्पादों पर ‘शून्य रेफरल शुल्क’ का विस्तार किया है, जिस पर विक्रेताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘विक्रेता न केवल शुल्क कटौती से उत्साहित हैं, बल्कि वे इन लाभ को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए भी उत्सुक हैं। इससे बाजार में बेहतर कीमतें मिल सकेंगी। साथ ही, वे अपना मार्जिन भी सुधार पा रहे हैं।’’
सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत के लिए कंपनी का नजरिया बेहद मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि भारत में ई-कॉमर्स अभी बस शुरू ही हुआ है। यह कुल खुदरा बाजार का महज एक छोटा हिस्सा है, और हमारे लिए बढ़ने की जबर्दस्त गुंजाइश है।’’
बीजीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ई-कॉमर्स बाजार इस समय 120-140 अरब डॉलर का है और यह 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अमेजन भारत की युवा आबादी और तेजी से बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को लेकर बहुत आशान्वित है। अमेजन ने हाल ही में 2030 तक भारत में अपने व्यवसायों में 35 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की घोषणा की है, जो इस बाजार में पहले से निवेश किए गए करीब 40 अरब डॉलर के अतिरिक्त होगा। दिसंबरख् 2025 की घोषणा के अनुसार, यह निवेश एआई-संचालित डिजिटलीकरण, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।