नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) अमेरिका की एक रिपोर्ट में इस्लामाबाद के परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़े नए खतरों को उजागर किये जाने के बाद, भारत ने बृहस्पतिवार को इस्लामाबाद के ‘‘गुप्त’’ परमाणु प्रसार के इतिहास पर प्रकाश डाला।
भारत की यह टिप्पणी अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें पाकिस्तान को उन कुछ देशों में से एक बताया गया है जो परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के पेलोड ले जाने में सक्षम उन्नत मिसाइल प्रणालियों का विकास कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, उसका गुप्त परमाणु प्रसार का एक लंबा इतिहास रहा है।’’
वह इस मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
जायसवाल ने पाकिस्तान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर रिपोर्ट में उठाई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ऐसे बयान एक बार फिर दुनिया के सामने यह स्पष्ट कर देते हैं कि वे किस प्रकार का खतरा पैदा करते हैं और उनके गुप्त परमाणु अभियान किस प्रकार के खतरे उत्पन्न करते हैं।’’
रिपोर्ट में विशेष रूप से पाकिस्तान की मिसाइल प्रणाली का उल्लेख किया गया था।
इसमें कहा गया है, ‘‘अमेरिका की सुरक्षित परमाणु निवारक क्षमता हमारे देश में हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करती रहती है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, चीन, रूस, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई तरह की नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं।’’