मोगा (पंजाब), 14 मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब में सरकार बनाती है, तो राज्य में धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लाया जाएगा।
शाह ने यहां आयोजित ‘बदलाव’ रैली को संबोधित करते हुए पंजाब में धर्मांतरण का मुद्दा उठाया और कहा कि पूरा राज्य इससे पीड़ित है।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पंजाब धर्मांतरण की समस्या से जूझ रहा है। मैं अपने सभी हिंदू और सिख भाइयों और बहनों से कह रहा हूं, आप एक बार भाजपा की सरकार बनाएं, हम धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक लाएंगे।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने सवाल किया, ‘‘क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को इसकी जानकारी नहीं है?’’ उन्होंने दोनों दलों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा कि सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर ने धर्मांतरण रोकने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज इसी धरती से यह कहना चाहता हूं कि अगर गुरु तेग बहादुर जी नहीं होते, तो आज भारत में एक भी हिंदू नहीं बचता।’’
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने ही इस देश को कायम रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोविंद सिंह तक, मैं सभी गुरुओं को नमन करता हूं।’’
शाह ने इस महीने की शुरुआत में मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब में धर्मांतरण के बारे में बात की थी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य की आम आदमी सरकार से ‘प्रलोभन’देकर धर्मांतरण कराने की प्रक्रिया को समाप्त करने की अपील की थी।
शाह नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ स्मरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।