मैं ऐसे परिवार में पला-बढ़ा हूं, जहां महिलाएं ही प्रमुख रहीं: राहुल गांधी

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नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल में केरल में छात्राओं से बातचीत के दौरान कहा कि वह एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं जहां महिलाएं ही प्रमुख हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाएं आम तौर पर पुरुषों से अधिक बुद्धिमान होती हैं।

राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने यूट्यूब चैनल पर छात्राओं के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो रविवार को पोस्ट किया और बताया कि कुछ दिन पहले केरल में दोपहर के भोजन के दौरान उनकी कुछ छात्राओं से मुलाकात हुई और उनसे बहुत ही रोचक बातचीत हुई।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘मैं प्रत्येक छात्रा के सपनों, जिज्ञासा और आत्मविश्वास से बहुत प्रभावित हुआ। ऐसी बातचीत हमें याद दिलाती है कि जब महिलाएं अपनी क्षमता को पहचानती हैं और खुले दिमाग से आगे बढ़ती हैं, तो वे असाधारण बदलाव ला सकती हैं।’’

राहुल ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘‘हर महिला अद्वितीय है। उनकी संवेदनशीलता, समझ और भावनात्मक बुद्धिमत्ता समाज को संतुलन व दिशा प्रदान करती है। महिलाएं धैर्य, दूरदर्शिता और सहानुभूति के साथ अपने अनूठे तरीकों से शक्ति का प्रयोग करती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, उन्हें समाज के प्रतिबंधात्मक मानदंडों से बंधे रहने के बजाय अपनी पहचान, व्यक्तित्व और आकांक्षाओं के अनुसार आगे बढ़ने का पूरा अधिकार होना चाहिए।’’

राहुल ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी शक्ति, साहस और सपने समाज को एक सकारात्मक भविष्य की ओर आगे बढ़ाते रहें।’’

उन्होंने कहा कि केरल की कुछ छात्राओं से बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘उनका (छात्राओं का) आत्मविश्वास और अपने सपनों पर विश्वास यह दर्शाता है कि महिलाएं ही बदलाव की असली ताकत हैं।’’

राहुल वीडियो में छात्राओं के साथ बेबाक बातचीत करते नजर आ रहे हैं। राहुल ने छात्राओं से कहा, ‘‘मैं ऐसे परिवार में पला-बढ़ा हूं जहां महिलाएं ही घर की प्रमुख थीं। मेरे परिवार की मुखिया मेरी दादी थीं और मेरे परिवार में, जैसे इस मेज की तरह हमेशा महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘महिलाएं आमतौर पर पुरुषों से ज्यादा बुद्धिमान होती हैं। पुरुष जल्दबाजी में रहते हैं और छोटी-छोटी बातों में उलझ जाते हैं। महिलाएं दूरगामी सोच रखती हैं, वे प्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग नहीं करतीं बल्कि अप्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग करती हैं, जो अधिक प्रभावी होती है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर बी.आर. आंबेडकर का लैंगिक समानता पर एक कथन साझा किया, ‘‘आप दुख सहने के लिए पैदा नहीं हुई हैं। आपने उत्थान के लिए जन्म लिया है।’’

खरगे ने कहा, ‘‘महिलाएं केवल विकास में भागीदार नहीं हैं। वे इसकी प्रेरक शक्ति हैं। अपनी बुद्धिमत्ता, करुणा और दृढ़ संकल्प के माध्यम से महिलाएं समुदायों को सशक्त बनाती हैं और मजबूत राष्ट्रों का निर्माण करती हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम विश्व भर की महिलाओं के साहस, नेतृत्व और अनगिनत योगदानों का सम्मान करते हैं। सच्ची प्रगति तब आएगी जब समानता एक आकांक्षा नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला के लिए एक जीती-जागती वास्तविकता होगी।’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘इस महिला दिवस पर, हर महिला अपनी ताकत, अपने अधिकारों और भविष्य को आकार देने की अपनी क्षमता को पहचाने। आप मायने रखती हैं। आपकी आवाज मायने रखती है। आपके सपने मायने रखते हैं।’’

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