आयकर रिटर्न के लिए पति-पत्नी को एक इकाई माना जाना चाहिए : आप सांसद

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नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा ने आयकर रिटर्न से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि पति-पत्नी को एक इकाई माना जाना चाहिए।

उन्होंने इसके पक्ष में उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में दो परिवारों की आय समान होने पर भी देय आयकर में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था में एक ओर सरकार को भी फायदा होगा वहीं रिटर्न दाखिल करने वाले परिवार को भी राहत मिल सकेगी।

अनुदान की अनुपूरक मांगों पर उच्च चर्चा में हुई भाग लेते हुए आप सदस्य ने सैनिकों की अशक्तता पेंशन को आयकर के दायरे में लाने के प्रस्ताव की आलोचना की और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।

उन्होंने बैक खातों में न्यूनतम राशि नहीं जमा होने पर लिए जाने शुल्क के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस व्यवस्था से सबसे अधिक गरीब प्रभावित होते हैं।

चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता (बीजद) के मुजीबुल्ला खान ने कहा कि ओडिशा, महाराष्ट्र गुजरात सहित कई प्रदेश हैं जहां हर साल प्राकृतिक आपदाएं आती हैं और हर साल उन्हें तूफान आदि का सामना करना पड़ता है।

खान ने ओडिशा के लिए विशेष पैकेज की मांग करते हुए कहा कि उसके 12 जिले प्राकृतिक आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि कोयला सहित कई खनिजों की रॉयल्टी में पिछले 10 साल से कोई संशोधन नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से कोयला रॉयल्टी में संशोधन करने की मांग की।

राजद के मनोज कुमार झा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि श्रम एवं रोजगार सहित कई ऐसे महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं जिनके आवंटन लगभग स्थिर हैं जबकि देश की बड़ी आबादी इन मंत्रालयों से ही संबंधित है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राथमिकता वाले क्षेत्र में नहीं रहा है। पिछले दिनों दिल्ली में संपन्न ‘‘एआई इम्पैक्ट समिट’’ में गलगोटिया विश्वविद्यालय से जुड़ी ‘शर्मनाक’ घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को बढ़ावा देना गलत नहीं है लेकिन सार्वजनिक संस्थाओं को भी मजबूत बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित जल पीने से कई लोगों की मौत का जिक्र करते हुए भी केंद्र पर हमला बोला।

राजद सदस्य ने कहा कि आय असमानता देश को ज्वालामुखी के ढेर पर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि आय असमानता अवसरों की असमानता में बदल जाती है जिसका दूरगामी असर होता है।

उन्होंने कहा कि बिहार रोजगार मुहैया कराने के मामले में सबसे निचले स्तर पर है और वह पलायन का दंश झेल रहा है। उन्होंने बिहार में निवेश किए जाने तथा रसोई गैस की समस्या को दूर करने की मांग की।

अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरै ने तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त है। इस पर द्रमुक सदस्यों ने आपत्ति जतायी।

माकपा सदस्य जॉन विकास ने देश भर में रसोई गैस की कमी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है और कोविड जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि कई उद्योगों के लिए गैस की आपूर्ति में कमी कर दी गई है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर चुप है।

समाजवादी पार्टी के रामजीलाल सुमन ने कहा कि सरकार को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गैस के लिए लाइन में लगे लोगों की मौत की कई घटनाएं हुई है लेकिन सरकार उस पर ध्यान नहीं दे रही है।

सुमन ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान करीब 750 लोग मारे गए थे लेकिन सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की गई थी लेकिन अभी तक उसका कोई गंभीर नतीजा नहीं निकला।। उन्होंने कहा कि एक साल से उसकी बैठक ही नहीं हुई है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के आलू किसानों की समस्याओं का जिक्र किया और उनके लिए एक नीति बनाने की मांग की।

मनोनीत सदस्य सुधामूर्ति ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण देश में गैस की समस्या पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति भारत सरकार के दायरे से बाहर है और पिछले कुछ समय से देश में हर साल कोई न कोई बड़ा संकट आता रहा है।

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