अमेरिका की ‘जबरिया मजदूरी’ की जांच में चीन पर होगी कड़ी नजर : जीटीआरआई

0
er43ewq

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) का मानना है कि अमेरिका द्वारा 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ शुरू की गई जबरिया मजदूरी के व्यवहार की दूसरी ‘व्यापार जांच’ में चीन पर खास नजर रखी जाएगी। इन देशों में चीन के अलावा भारत भी शामिल है।

जीटीआरआई ने कहा कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में कथित रूप से जबरिया मजदूरी कराए जाने के आरोप लगे हैं। ऐसे में जांच के केंद्र में चीन के रहने की संभावना है।

जीटीआरआई ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में जबरन मजदूरी कराने की इस नई अमेरिकी जांच के तहत भारत से अमेरिका को सौर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों के निर्यात पर भी कड़ी नजर रखी जा सकती है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 12 मार्च को 60 देशों को इसके दायरे में लेते हुए धारा 301 की जांच शुरू की। यह इस महीने की दूसरी धारा 301 जांच है। जांच से यह पता चलेगा कि क्या इन सभी अर्थव्यवस्थाओं के काम, नीति और व्यवहार जबरिया मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे असरदार तरीके से लागू करने में नाकाम रहे हैं।

जांच में यह देखा जाएगा कि क्या देश जबरिया मजदूरी से बने सामान को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने दे रहे हैं या उसे रोक रहे हैं।

यह जांच दो चीजों पर केंद्रित होगी। क्या जबरन मजदूरी का इस्तेमाल सीधे उत्पादन में किया जाता है, और क्या देश दूसरे देशों से जबरिया मजदूरी से बने सामान का आयात करते हैं और उनका इस्तेमाल ऐसे सामान बनाने के लिए करते हैं जिन्हें बाद में अमेरिका को निर्यात के लिए किया जाता है।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘जांच का केंद्र उन उत्पादों पर होने की संभावना है जिनमें चीन से आयात किए गए सामान का इस्तेमाल होता है, जिन पर जबरन मजदूरी से बने होने का शक है। अगर ऐसे माल का इस्तेमाल भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सामान में किया जाता है, तो ऐसा निर्यात जांच के दायरे में आ सकता है।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *