तेलंगाना में खाद्य मिलावट रोकने के लिए अलग एजेंसी बनेगी: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

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हैदराबाद, 31 मार्च (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में खाद्य मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए एक समर्पित एजेंसी का गठन करेगी। उन्होंने दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं की जमाखोरी को हत्या से भी अधिक जघन्य अपराध करार दिया।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि प्रस्तावित तंत्र ‘हैदराबाद डिजास्टर रिस्पान्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी’ (एचवाईडीआरएए) और ‘एलाइट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एन्फोर्समेंट’ (ईएजीएलई) की तर्ज पर काम करेगा। एचवाईडीआरएए और ईएजीएलई की स्थापना राज्य सरकार ने ही की है।

रेड्डी यहां जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत महीन किस्म के चावल के वितरण की शुरुआत के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए आयोजित दोपहर के भोज में शामिल हुए थे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महीन चावल उपलब्ध कराने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि मोटे चावल के वितरण से केवल खर्च बढ़ता था, जबकि गरीबों को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा था।

उन्होंने बताया कि किसानों को महीन चावल की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रति क्विंटल 500 रुपये का बोनस दिया जा रहा है। इस योजना से राज्य की करीब 3.39 करोड़ आबादी, जो कुल जनसंख्या का लगभग 86 प्रतिशत है, लाभान्वित हो रही है। साथ ही महीन चावल के वितरण से पीडीएस के मोटे चावल की कालाबाजारी में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि अब महीन चावल की आपूर्ति के बाद सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

इस बीच, हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने मुख्यमंत्री के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि जन स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य सुरक्षा के लिए समर्पित प्रणाली बनाना सराहनीय कदम है।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में हैदराबाद पुलिस ने ‘एच-फास्ट’ (हैदराबाद फूड एडल्टेरेशन सर्विलान्स टीम) का गठन किया है, जो मिलावटखोरी के नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है।

सज्जनार के अनुसार, पिछले एक महीने में 61 मामले दर्ज किए गए, 15 टन मिलावटी उत्पाद जब्त किए गए और 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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