शरत कटारिया के निर्देशन में बनी फिल्म ’दम लगा के हईशा’ (2015) से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर की ये पहली ही फिल्म जबर्दस्त हिट थी। फिल्म को न केवल सर्वश्रेष्ठ फिल्म का रष्ट्रीय पुरस्कार मिला बल्कि भूमि को बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला।
उसके बाद 11 साल के करियर में भूमि ने ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ (2017), ‘शुभ मंगल सावधान’ (2017), ‘बाला’ (2019), ‘पति पत्नी और वो’ (2019), ’शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ (2019) ‘भूत पार्ट वनः द हॉन्टेडशिप’ (2020) ‘बधाई दो’ (2022) ‘भक्षक’ (2024) और ‘मेरे हसबेंड की बीवी’ (2025) जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम करते हुए अपनी दमदार एक्टिंग से बड़े पर्दे पर एक खास जगह बनाई है।
आज भूमि का नाम हिंदी सिने जगत की टॉप और वर्सेटाइलएक्ट्रेसेस में शुमार हैं। 30 जनवरी को अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘दलदल’ (2026) में वह एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पूरी ताकत झोंक देने वाली निडर और दबंग डीसीपी रीटा फरेरा की भूमिका में थीं। इस किरदार को लेकर वह काफी सुर्खियों में रहीं।
कुछ को उनका काम पसंद आया तो कुछ को वह अपने किरदार में ओव्हर एक्टिंग करते हुए लगीं। पुलिस की वर्दी में उनका चोटी वाला लुक तो किसी को भी पसंद नहीं आया। बात बात पर उनका अपने अधीनस्थ पर चीखना चिल्लाना और झल्लाना भी समझ से थोड़ा परे था।
भूमि का अभिनय के प्रति गहरा जुनून है। अपने किरदार की गहराई से उतरकर उसमें प्रामाणिकता और ईमानदारी लाने की उनकी कोशिश साफ तौर पर नजर आती है।
हर बार वह अपने किरदार के लिए 100 प्रतिशत देने की कोशिश करती हैं लेकिन इस बार उनसे चूक हो गई। ‘दलदल’ में वह थकी थकी सी नजर आईं। ऊर्जा की कमी तो उनके किरदार में साफ तौर पर परिलक्षित हो रही थी।
वेब सीरीज ‘दलदल’ (2026) के पहले भूमि पेडनेकर ईशान खट्टर के साथ वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ (2025) में थीं जिसमें उनके कई इंटीमेट सीन्स देखे गए थे।
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म ‘भक्षक’ (2024) में भूमि की एक्टिंग को दर्शकों से लेकर समीक्षकों ने जिस अंदाज में सराहा और पसंद किया उसके बाद से ही वह ओटीटी पर अपना नाम बनाने की कोशिशों में जुटी हैं।
भूमि पेडनेकर हिंदी फिल्मों और ओटीटी के अलावा हॉलीवुड में भी अपना सिक्का आजमाना चाहती है। उन्हें लगता है कि यदि वहां उन्हैं अवसर मिले तो वह प्रियंका चौपड़ा की तरह ग्लोबल स्टार बन सकती हैं।
18 जुलाई 1989 को मुंबई में पैदा हुई भूमि पेडनेकर के पिता मराठी और मां सुमित्रा हरियाणवी हैं। भूमि जब महज 18 की थीं, उनके पिता सतीश पेडनेकर का केंसर से निधन हो गया।
एक्टिंग को करियर बनाने के पहले भूमि पेडनेकर ने 6 साल तक तक यशराज फिल्म्स में कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा की असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। उस दौरान वह फिल्म ‘पाऊडर’ के लिए पंकज त्रिपाठी और फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के लिए रणवीर सिंह व्दारा दिए गए ऑडिशन प्रॉसेस का हिस्सा थीं।
भूमि पेडनेकर को एक्टिंग का चस्का शुरू से था। शायद इसी वजह से उन्होंने सुभाष घई के एक्टिंग इंस्टिटयूट में दाखिला भी लिया था लेकिन कम अटेंडेंस के चलते उन्हें वहां से बाहर होना पड़ा ।
यशराज फिल्म्स में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम करने के बाद उन्होंने ‘दम लगा के हईशा’ के लिए ऑडिशन दिया और सिलेक्ट भी हो गईं.
