नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) एयर इंडिया अपने अधिकांश ड्रीमलाइनर विमानों के ‘फॉसेट कंट्रोल मॉड्यूल’ (जल प्रवाह नियंत्रण मॉड्यूल) में बदलाव कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह कदम अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के उस संशोधित निर्देश के बाद उठाया गया, जिसमें पानी के रिसाव की आशंका वाले मॉड्यूल को बदलने के लिए कहा गया था। इस रिसाव से विमान के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर बुरा असर पड़ सकता था।
एफएए ने दो फरवरी को एक उड़ान सुरक्षा निर्देश (एडी) जारी किया था, जो कुछ बोइंग 787-8, 787-9 और 787-10 विमानों पर लागू होता है। इन विमानों को ड्रीमलाइनर के नाम से भी जाना जाता है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787 विमान हैं, जिनमें 26 पुराने 787-8 विमान शामिल हैं।
सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एफएए के निर्देश के बाद एयर इंडिया ने अपने अधिकांश बोइंग 787 विमानों में एफसीएम में आवश्यक बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन 787 विमानों की पहचान इस काम के लिए की गई थी, उनमें से आधे से अधिक में एफसीएम को बदला जा चुका है।
हालांकि, उन विमानों की सटीक संख्या का पता नहीं चल सका है जिनमें यह काम पूरा हो चुका है। इस मामले में एयर इंडिया और बोइंग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।