लंदन से एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है उसका आधार है- ‘नेचर केमिकल बायोलॉजीÓ मैगजीन। इसमें प्रकाशित समाचार ने सबको सचेत कर दिया। आप भी जानिए। डॉ. डिंगू झू एक शोधकर्ता हैं तथा यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरेडा में रहकर उन्होंने शोध किया। उनके साथ पूरी टीम थी किन्तु झू ही उसके मुख्य अध्ययनकर्ता थे। उन्होंने अपने अध्ययन को चूहों पर पूरा किया। उन्हें इस स्टडी के दरम्यान पता चला कि नैफ्थेलीन और पारा डाइक्लोरोबेंजीन खतरनाक रसायन हैं। इनके प्रयोग करने से कैंसर होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। रिपोर्ट के अनुसार, अब इन रसायनों के संपर्क में रहने से चूहों को कैंसर की आशंका है तो इन्सानों को भी इस रोग से पीडि़त होने का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिका के अनुसंधानकर्ताओं ने 2006 में किए गए एक अध्ययन के बाद निष्कर्ष में कहा था- एयर फ्रेशनर और नैफ्थेलीन की गोलियों से कैंसर होने की आशंका बनी रहती है। शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट में कहा- एयर फ्रेशनर के लिए प्रयोग होने वाले मटेरियल में कई ऐसे हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो कैंसर की वजह हैं। एक वैज्ञानिक ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा- कपड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए नैप्थेलीन की गोली का प्रयोग होता है। एयर फ्रेशनर में भी। अत: एयर फ्रेशनर का प्रयोग संभलकर करें।