स्क्वाश के ओलंपिक का हिस्सा बनने के बाद सभी खिलाड़ियो की नजरें लॉस एंजिलिस खेलों पर: अनाहत

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मुंबई, 17 मार्च (भाषा) भारत की शीर्ष रैंकिंग वाली स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह को उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में हर खिलाड़ी का ध्यान मुख्य रूप से लॉस एंजिलिस 2028 खेलों पर होगा क्योंकि इन खेलों के दौरान स्क्वाश ओलंपिक में पदार्पण करेगा।

अनाहत ने मंगलवार को यहां कहा कि ओलंपिक में पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है।

जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन की टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अनाहत ने कहा, ‘‘बेशक यह बहुत रोमांचक है। यह पहली बार है जब यह ओलंपिक का हिस्सा बन रहा है और सभी खिलाड़ी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले कोई भी खिलाड़ी अधिक से अधिक राष्ट्रमंडल खेलों में खेल सकता था लेकिन अब ओलंपिक भी है और बेशक, हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह ओलंपिक में जाए, खेले और पदक जीते।’’

अनाहत ने कहा, ‘‘अगले कुछ वर्षों में सभी का यही लक्ष्य रहेगा और दीर्घकाल में मेरे दिमाग में भी यही बात रहेगी कि मैं ओलंपिक तक ट्रेनिंग कर सकूं और संभवत: देश के लिए पदक जीत सकूं।’’

जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन पीएसए कॉपर प्रतियोगिता है जो खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक हासिल करने का मौका देगा और साथ ही इस साल के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए लय बनाने में भी मदद करेगा।

भारत के दूसरे सबसे बेहतर रैंकिंग वाले पुरुष खिलाड़ी रमित टंडन ने कहा कि इस खेल को ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल किए जाने से कारपोरेट जगत भी इसकी ओर आकर्षित हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह (ओलंपिक) दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है इसलिए वहां पहुंचना हर किसी का सपना होता है। इसके अलावा हमारे खेल को जेएसडब्ल्यू और अन्य कारपोरेट घरानों के जुड़ने से भी फायदा हुआ है जो ओलंपिक में शामिल होने के बाद ही संभव हो पाया है।’’

टंडन ने कहा, ‘‘ओलंपिक में शामिल होने के बाद पूरे स्क्वाश पारिस्थितिकी तंत्र में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है।’’

टंडन ने कहा कि इंडियन ओपन में खेलने से उन्हें कुछ राहत जरूर मिलेगी लेकिन स्क्वाश खिलाड़ी पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के हालात पर भी नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वदेश में ही हो रहा है इसलिए हमारे लिए बहुत सुविधाजनक है। इसके ठीक बाद मैं लंदन में अगला टूर्नामेंट खेलने जा रहा हूं। अभी तक उड़ान रद्द नहीं हुई है इसलिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि युद्ध की स्थिति कैसी रहती है।’’

टंडन ने कहा, ‘‘तैयारी के लिहाज से विश्व चैंपियनशिप काहिरा में है जो एक प्रभावित इलाका है। हमें पीएसए से ईमेल मिल रहे हैं जिनमें कहा गया है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। वे तारीखों में थोड़ा-बहुत फेरबदल करने पर भी विचार कर रहे हैं।’’

अनाहत ने कहा कि वह एक समय में एक ही टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और 2023 में दो कांस्य पदक जीतने के बाद अब वह एशियाई खेलों में और भी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही हैं।

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