नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण नकारात्मक धारणा के चलते जनवरी-मार्च की अवधि में दिल्ली-एनसीआर में घरों की बिक्री तिमाही आधार पर 17 प्रतिशत घटकर लगभग 16,000 इकाई रह गई। रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी एनारॉक ने यह जानकारी दी।
हालांकि, सालाना आधार पर मांग में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण पिछले साल का निचला आधार प्रभाव है।
एनारॉक के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में जनवरी-मार्च की मौजूदा अवधि के दौरान घरों की बिक्री 15,985 इकाई रही, जो इससे पिछली तिमाही के 19,250 इकाई की तुलना में 17 प्रतिशत कम है।
दिल्ली-एनसीआर में बिक्री पिछले वर्ष की जनवरी-मार्च अवधि में 11,120 इकाई की तुलना में 44 प्रतिशत बढ़ी है।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि भारत के आवास क्षेत्र के दीर्घकालिक बुनियादी सिद्धांत मजबूत बने हुए हैं, लेकिन ईरान युद्ध के अल्पकालिक प्रभाव पहली तिमाही में स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।
एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च के दौरान शीर्ष सात शहरों में घरों की बिक्री सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़ी, जबकि पश्चिम एशिया संकट की वजह से बिक्री में सात प्रतिशत की गिरावट आई। तिमाही के दौरान इन सात शहरों में घरों की बिक्री बढ़कर 1,01,615 इकाई रही। एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 93,280 इकाई का था।
मूल्य के लिहाज से जनवरी-मार्च में घरों की बिक्री छह प्रतिशत बढ़कर 1.51 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 1.42 लाख करोड़ रुपये थी।
सात प्रमुख शहरों में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता आते हैं।