नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार नये उद्यम शुरू करना चाह रहे अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के सदस्यों और महिलाओं को लाभ प्रदान करने के लिए जल्द ही एक संशोधित ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना लाएगी।
साल 2016 में शुरू की गई ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना का उद्देश्य एससी-एसटी और महिला उद्यमियों को नये उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा देकर सशक्त बनाना था। यह योजना 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई।
लोकसभा में एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि संशोधित योजना में मूल ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना के कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभवों को शामिल किया जाएगा।
सीतारमण ने कहा, ‘‘नीति आयोग और अन्य संस्थाओं द्वारा किए गए अध्ययनों के आधार पर इस योजना का मसौदा फिर से तैयार किया जा रहा है। जल्द ही मंत्रिमंडल के समक्ष एक प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके बाद हम एक नयी योजना शुरू करेंगे। यह नयी योजना ‘स्टैंड-अप इंडिया’ के कार्यों को ही आगे बढ़ाएगी, जिससे पूरे देश में एससी-एसटी वर्गों के लोगों और महिलाओं को लाभ मिला है।’’
इस योजना के तहत 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाता था। यह ऋण उस श्रेणी के लिए बैंक की सबसे कम लागू दर पर उपलब्ध होता था। इसकी पुनर्भुगतान अवधि 7 वर्ष थी, जिसमें अधिकतम 18 महीने तक की मोहलत शामिल थी।
उनसे जब पूछा गया कि क्या सरकार ऋण की राशि बढ़ाने की योजना बना रही है, तो सीतारमण ने कहा, ‘‘हम नयी योजना के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।’’