इस्लामाबाद, 19 मार्च (भाषा) पाकिस्तान के सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका देश ‘‘अपने लोगों के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए अफगानिस्तान द्वारा अपनी धरती का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
सेना ने एक बयान में कहा कि मुनीर ने रावलपिंडी में अहले-तशीह (शिया) समुदाय के उलेमाओं के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।
ऑपरेशन गजब-लिल-हक का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘पाकिस्तान अपने लोगों के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए अफगान धरती के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगा’’ साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय आतंकवादियों और उनके बुनियादी ढांचे को खत्म करने का अपना संकल्प दोहराया।
पाकिस्तान ने यह अभियान 26 फरवरी को 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा के साथ अफगान तालिबान बलों द्वारा कथित हमलों के जवाब में शुरू किया।
मुनीर ने कहा कि अफगान तालिबान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगान धरती का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए न हो।
उन्होंने पाकिस्तान के प्रयासों और ‘‘क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए सक्रिय कूटनीति’’ को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
कार्यक्रम में शामिल उलेमाओं ने शांति और स्थिरता की इच्छा व्यक्त की, धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा की निंदा की, और देश में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का पूरा समर्थन किया।