योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा: यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप राज्य में करेगा 6,650 करोड़ रुपये का निवेश

0
dcvfrewdsx

सिंगापुर/लखनऊ, 23 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा के पहले दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने राज्य में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्यमंत्री 23-24 फरवरी तक सिंगापुर की यात्रा पर हैं।

राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में जारी बयान के मुताबिक ये निवेश ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे। इन परियोजनाओं से रोजगार के 20 हजार से अधिक अवसर उत्पन्न होंगे।

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर संपर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे से अवगत कराया। साथ ही समूह को डेटा सेंटर स्थापना के लिए लखनऊ आने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों के अनुसार सिंगापुर यात्रा के पहले दिन हुए ये तीन एमओयू प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर हवाई अड्डे के करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की टाउनशिप विकसित की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना में 3500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके धरातल पर उतरने के साथ ही लगभग 12000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देने जा रही इस परियोजना को 2027 में शुरू किए जाने की योजना है।

बयान के मुताबिक दूसरी परियोजना कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से संबंधित है।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7500 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की योजना है और यह लॉजिस्टिक्स पार्क प्रदेश की औद्योगिक तथा निर्यात गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बयान के अनुसार, तीसरी परियोजना के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना में 2500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमओयू के अनुसार इस परियोजना को वर्ष 2028 में शुरू करने की योजना है।

इससे पहले आदित्यनाथ ने सिंगापुर के निवेश-केंद्रित संस्थानों के साथ सोमवार को बैठकें कीं और अपने राज्य में संप्रभु निवेश भागीदारी के अवसरों पर विचार विमर्श किया।

उन्होंने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा एवं औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में संप्रभु निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने जीआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लिम चाउ कियात और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

उन्होंने ने उत्तर प्रदेश में जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों की सराहना की जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में आईआरबी के साथ उसकी भागीदारी और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है।

योगी आदित्यनाथ ने डीबीएस ग्रुप की मुख्य कार्यपालक अधिकारी टैन सु शान और उनके वरिष्ठ नेतृत्व दल के साथ भी बैठक की।

आधिकारिक बयान में सिंगापुर में टेमासेक के चेयरमैन तेओ ची हीन और उनके दल के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया गया।

बयान के अनुसार, टेमासेक के पास करीब 400 अरब अमेरिकी डॉलर का वैश्विक खंड है जिसमें से लगभग 50 अरब अमेरिकी डॉलर भारत में निवेशित हैं। यह 2017 में म्यांमा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री की पहली विदेशी यात्रा है। वह 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान में रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *