असम विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायकों का हंगामा
Focus News 16 February 2026 0
गुवाहाटी, 16 फरवरी (भाषा) असम विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को उस समय हंगामा देखने को मिला जब राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्य आसान के निकट आकर नारेबाजी करने लगे।
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य द्वारा दिये गये 40 मिनट के अभिभाषण के लगभग पूरे समय विपक्षी विधायकों ने हंगामा किया।
उन्होंने अभिभाषण की प्रतियां आसन की ओर फेंकने की कोशिश की, लेकिन सदन की सुरक्षा में तैनात मार्शलों ने प्रतियों को तुरंत जब्त कर लिया।
चुनाव से पहले वर्तमान विधानसभा का यह अंतिम सत्र है, जिसमें मंगलवार को लेखा अनुदान प्रस्तुत किया जायेगा।
राज्यपाल द्वारा वर्तमान सरकार के तहत किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करने के पांच मिनट बाद ही कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और एकमात्र निर्दलीय विधायक विरोध करते हुए आसन के निकट आ गये।
असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने विधायकों का नेतृत्व किया, उनके कांग्रेस सहयोगियों ने अभिभाषण की प्रतियां अपने हाथों में ले रखी थीं।
एआईयूडीएफ के विधायक तख्तियां लेकर सदन के आसन के निकट पहुंचे, जिन पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाल में सामने आये एक विवादित वीडियो की तस्वीरें थीं।
विपक्षी विधायकों द्वारा हंगामा करने के बावजूद, राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ना जारी रखा और सत्ता पक्ष के विधायकों ने वर्तमान शासन के तहत विकासात्मक गतिविधियों का उल्लेख किए जाने पर मेजों को थपथपाकर अपनी सहमति व्यक्त की।
राज्यपाल के अभिभाषण पढ़ते समय उनके बगल में बैठे अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने विधायकों को शांत करने की कोशिश की और उनसे अपनी सीट पर लौटने का आग्रह किया।
विपक्षी विधायकों ने पहले अभिभाषण की प्रतियां दिखाई, लेकिन बाद में उन्हें राज्यपाल की ओर फेंकने का प्रयास किया। मार्शलों ने इन प्रतियों के साथ-साथ अन्य तख्तियां और कागज भी जब्त कर लिए।
अभिभाषण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक विपक्षी सदस्यों को रोकने के लिए मार्शलों समेत 20 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। इसके बावजूद वे जमीन पर बैठकर विरोध करते रहे।
विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री से जुड़े एक विवादास्पद वीडियो के विरोध में नारे लगा रहे थे और उन्होंने लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग के लिए न्याय की मांग की।
आचार्य ने अपने अभिभाषण में सरकार की विकास गतिविधियों और कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डाला और पिछले पांच वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी, जिम्मेदार और क्षेत्र-संतुलित विकास की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध विदेशियों, मादक पदार्थों, अतिक्रमण और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है; और विकास को गति दे रही है तथा रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है।
आचार्य ने कहा कि राज्य ने पिछले पांच वर्षों में आंतरिक सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और न्याय वितरण में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
राज्यपाल ने कहा कि 2021 की तुलना में 2025 में अपराधों की कुल संख्या में 72 प्रतिशत की कमी आई है, जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराधों में इसी अवधि के दौरान 87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी कमी आई है।
उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा, सड़क, रेलवे और नागरिक उड्डयन संपर्क, बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन प्रबंधन, भू-राजस्व क्षेत्र में सुधार, पर्यटन, ग्रामीण विकास और ग्रामीण आजीविका, चाय बागान जनजातियों और आदिवासियों के कल्याण जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति के बारे में भी विस्तार से बताया।
