गुवाहाटी, 18 फरवरी (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को कहा कि असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) का एकमात्र मकसद पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना था।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए तीन दिवसीय दौरे के समापन पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कुमार ने कहा कि असम में एसआर इसलिए कराया गया क्योंकि यह देश का एकमात्र राज्य है जहां राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण अनिवार्य है। इसी के तहत 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया, जबकि असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) किया गया।”
कुमार ने बताया कि असम में यह प्रक्रिया सफल रही और पूरे राज्य के विभिन्न जिलों से केवल 500 लोगों ने अपने नाम शामिल करने या किसी अन्य का नाम हटाने के लिए अपील दायर की।
बिहू पर्व से पहले चुनाव कराए जाने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में कुमार ने कहा कि बिहू असम का महत्वपूर्ण त्योहार है और समीक्षा बैठकों के दौरान विभिन्न पक्षों से प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही चुनाव तिथियों पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए असम दौरे पर आयी थी। उनके साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे।