चेन्नई, 22 फरवरी (भाषा) अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने दावा किया है कि तमिलनाडु में दर्ज की जा रही 11.19 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि पिछली सरकार की औद्योगिक परियोजनाओं के कारण है।
विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के उस दावे का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु ने 10.62 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं और इनमें से 77 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
पड़ोसी तिरुवल्लुर में शनिवार देर रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने कहा, “अगर ऐसा होता तो आज तक 25 लाख नौकरियां पैदा होनी चाहिए थीं। मुख्यमंत्री जो कह रहे हैं वह सरासर झूठ है।”
आगामी विधानसभा चुनावों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और उसके गठबंधन सहयोगियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि 2019 में तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार ने (वैश्विक निवेशक सम्मेलन) का आयोजन किया था।
उन्होंने दावा किया कि उस दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ 304 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे 3.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता मिली थी।
पलानीस्वामी ने कहा, “उस समय लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए थे।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्नाद्रमुक शासन के दौरान जिन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे उसके तहत स्थापित औद्योगिक परियोजनाएं द्रमुक सरकार के दौरान चालू हुईं, जिसके कारण राज्य ने 11.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।