नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) दवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सन फार्मा अधिग्रहण के बजाय खुद की मेहनत और संसाधनों से आगे बढ़ने (ऑर्गेनिक ग्रोथ) के दृष्टिकोण पर कायम रहेगी, ताकि शेयरधारकों के लिए निवेश का आकर्षण बना रहे।
कंपनी के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने यह स्पष्ट किया है कि विस्तार के लिए कंपनी ‘अनुशासित रुख’ अपनाएगी।
विश्लेषकों के साथ बातचीत के दौरान कंपनी की विलय एवं अधिग्रहण रणनीति पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सांघवी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अमेरिका हमारी रणनीति का प्रमुख केंद्र बना रहेगा, विशेषकर नयी और आधुनिक दवाओं के क्षेत्र में।”
उन्होंने कहा कि कंपनी वैश्विक स्तर पर इन विशेष दवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है।
उभरते बाजारों के लिए रणनीति सांघवी ने बताया कि भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए कंपनी ‘टक-इन्स’ (छोटे और रणनीतिक अधिग्रहण) पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम ऐसे छोटे व्यवसायों को खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें हम अपने मौजूदा कारोबार के साथ एकीकृत कर सकें और इन बाजारों में अपना दायरा बढ़ा सकें।”
दवा क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने बार-बार यह संकेत दिया है कि वह अधिग्रहण के मामले में अनुशासन बनाए रखना चाहती है। सांघवी ने स्पष्ट किया, “हमारा पूरा ध्यान खुद की मेहनत और संसाधनों से आगे बढ़ने (ऑर्गेनिक ग्रोथ) पर केंद्रित है, ताकि हम शेयरधारकों के लिए निवेश का एक आकर्षक विकल्प बने रहें। हम अधिग्रहण पर तभी विचार करेंगे जब हमें लगेगा कि इससे हमारी दीर्घकालिक रणनीतिक क्षमता को मजबूती मिलेगी।”