चेन्नई, आठ फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रेल मंत्रालय को राज्य में स्वीकृत रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने और लंबित परियोजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
स्टालिन ने पत्र में कहा, ‘‘रेल मंत्रालय से धनराशि जारी करने में हो रही देरी’’ और विभिन्न परियोजनाओं के लिए टुकड़ों में निधि आवंटित किए जाने की व्यवस्था के कारण कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए 2,500.61 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है, लेकिन रेलवे विभाग ने अब तक 931.52 हेक्टेयर भूमि के लिए धनराशि आवंटित नहीं की है।
स्टालिन ने कहा, ‘‘निधि जारी करने में देरी और टुकड़ों में आवंटन ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं की प्रगति में बाधा डाली है। इससे प्रभावित भूमि मालिकों के लिए लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।’’
उन्होंने बताया कि 19 प्रमुख परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है और 1,198.02 हेक्टेयर भूमि रेलवे को सौंप दी गई है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी दोहरीकरण’ परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे द्वारा मुआवजे के लिए आवश्यक 289.78 करोड़ रुपये जारी न किए जाने के कारण 16.86 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब भी रुका हुआ है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि स्वीकृत परियोजनाओं के लिए ‘‘संपूर्ण धनराशि और इसे प्राथमिकता के आधार पर’’ जारी किया जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
उन्होंने तूत्तिकोरिन–मदुरै और तिण्डिवनम–तिरुवण्णायलै रेल लाइन सहित वर्तमान में लंबित प्रमुख परियोजनाओं पर पुनर्विचार कर उन्हें फिर से शुरू करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने सभी रेलवे परियोजनाओं के ‘‘शीघ्र क्रियान्वयन’’ के लिए राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।