लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 47 लाख कर्मियों की कमी को दूर करने को कौशल विकास सुधारों की जरूरत

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नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) ‘लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रविकांत यमार्थी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को 2030 तक 47 लाख लोगों की आवश्यकता होगी और इन रिक्त पदों को भरने के लिए देश को बड़े पैमाने पर कौशल विकास सुधारों एवं डिजिटल कार्यबल की आवश्यकता है।

यमार्थी ने यहां ‘लॉजीमैट इंडिया’ 2026 में कहा, ‘‘ माल ढुलाई, भंडारण, परिवहन एवं आपूर्ति श्रृंखला कार्यों में वृद्धि से इस क्षेत्र को 2030 तक 47 लाख अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, हमें व्यापक कौशल विकास सुधारों और डिजिटल कार्यबल सृजन की आवश्यकता है।’’

लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ने कहा कि उसने प्रतिभा की कमी को दूर करने और भारत को इस क्षेत्र में विश्व की प्रतिभा राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए ‘लॉजीमैट इंडिया’ के साथ साझेदारी की है।

वैश्विक लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई एवं परिवहन प्रदर्शनी ‘लॉजीमैट इंडिया’ का तीसरा संस्करण बृहस्पतिवार को मुंबई के बंबई प्रदर्शनी केंद्र में शुरू हुआ। इस आयोजन में 10 देशों के 350 से अधिक वैश्विक ब्रांड के भाग लेने की उम्मीद है।

भारत का लॉजिस्टिक्स उद्योग जैसे-जैसे अधिक टिकाऊ होता जा रहा है ‘लॉजीमैट इंडिया’ और ‘लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल’ के बीच की साझेदारी कार्यबल बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

वर्ष 2026 के आयोजन में लॉजिस्टिक्स में कृत्रिम मेधा (एआई), स्वचालन, रोबोटिक्स एवं आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन जैसे अत्याधुनिक विषयों पर केंद्रित चर्चाएं होंगी। समर्पित मंडप होंगे जो लॉजिस्टिक्स, शिपिंग, माल ढुलाई और हरित परिवहन में नवाचारों को उजागर करेंगे।

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